फर्रुखाबाद जिले में सामूहिक दुष्कर्म व जाति सूचक गाली गलौज में तीन दोषियों को न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने सात वर्ष की सजा सुनाई। तीनों को 20-20 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है। जुर्माना न देने पर तीनों को एक वर्ष का अतिरिक्त करावास भोगना होगा। जहानगंज थाना क्षेत्र एक गांव निवासी महिला ने कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर राव साहब निवासी मोर सिंह उर्फ भूरा, नीरज, उदय प्रताप, गांव गढ़िया गंगाइच निवासी अनुज उर्फ बंटी, मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव कुइयां बूंट निवासी राजू के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व जाति सूचक गाली गलौज करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि चार मई 2008 को पति से झगड़ा होने के बाद शाम को कमालगंज निवासी ननदोई के घर जा रही थी। रास्ते में मोर सिंह उर्फ भूरा, नीरज, अनुज उर्फ बंटी बाइक से आते मिले। इन लोगों ने उसे पकड़ लिय और खेत में ले जाकर तीनों ने दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर मोर सिंह उर्फ भूरा, नीरज, अनुज उर्फ बंटी, राजू व उदय प्रताप ने जाति सूचक गाली गलौज कर अपमानित किया।
विवेचक ने पांचों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी महेंद्र सिंह ने सोमवार को साक्ष्य के अभाव में राजू व उदय प्रताप को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी मोर सिंह उर्फ भूर, नीरज, अनुज उर्फ बंटी को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायाधीश ने तीनों दोषियों को सात वर्ष की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।