फर्रुखाबाद। रिवैंप योजना का सहारा लेकर भ्रष्टाचार के आरोपी जेई को अधीक्षण अभियंता ने निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ बिजली चोरी की जांच भी लंबित चल रही है। एसई ने ओटीएस में बिल कम करने के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली करने के मामले में लिपिक व टीजी-2 को भी निलंबित कर दिया है।
शहर के पांचालघाट बिजली उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता जावेद अहमद काफी पहले से सुर्खियों में हैं। बिजली चोरी के मामले में वीडियो वायरल होने की जांच अधिशासी अभियंता ग्रामीण के पास कई माह से लंबित चल रही है। इन दिनों बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए रिवैंप योजना के तहत जर्जर केबल बदलने का काम चल रहा है।
अधीक्षण अभियंता को शिकायत मिली कि जेई ने रिवैंप योजना के तहत नई कालोनियों के उपभोक्ताओं से सेटिंग कर बंच केबल डलवा दी, जबकि यह नियम विरुद्ध है। कई उपभोक्ताओं को मानक से अधिक दूरी पर कनेक्शन भी दिए गए। इसमें बड़े स्तर पर वसूली की गई। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने रिवैंप योजना में निजी लाभ के लिए नियम विरुद्ध तरीके से बिजली सामग्री का दुरुपयोग करने के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए जेई जावेद अहमद को निलंबित कर दिया है। उन्हें कायमगंज डिवीजन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
उपभोक्ता से वसूले 67 हजार रुपये
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने ग्रामीण खंड में तैनात लिपिक सुनील शाक्य को उपभोक्ता से 67000 रुपये लेने के मामले में निलंबित कर दिया है। उन्होंने जारी निलंबन आदेश में कहा कि कार्यकारी सहायक सुनील कुमार शाक्य ने उपभोक्ता से 67 हजार रुपये लेकर 20207 रुपये की रसीद दी। उपभोक्ता ने इस मामले की उनसे शिकायत की तो सुनील ने उपभोक्ता को 46000 रुपये वापस कर दिए। यह कृत्य विभागीय हित के प्रतिकूल होने के साथ विभाग की छवि धूमिल करने वाला है। निलंबन अवधि में उसे कायमगंज डिवीजन से संबद्ध कर दिया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने कायमगंज डिवीजन में तैनात टीजी-2 अमित कुमार को निलंबित किया है। उसकी ओटीएस में बिल संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं से रिश्वत मांगने की लगातार शिकायतें आ रही थीं। उसके कार्यों से उपभोक्ताओं में काफी रोष था। निलंबन अवधि में अमित कुमार को ग्रामीण खंड फर्रुखाबाद से संबद्ध किया गया है।