फर्रुखाबाद। एससी/एसटी के मामले में अदालत ने तीन भाइयों को एक वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा सात हजार रुपये जुर्माना किया गया है। एक आरोपी पहले से जेल में है और दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी चरन सिंह ने 14 अक्तूबर 2006 को गांव ढपलपुर निवासी जलालउद्दीन व उनके बेटों बाकर अली, गोविंदा उर्फ जियाउद्दीन, चंदा उर्फ मेहंदी हसन, जितेंद्र उर्फ भूूरा के खिलाफ एससी/एसटी का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि गांव ढपलपुर निवासी हसीब का खेत बटाई पर लिया था। पास में ही जलालउद्दीन का खेत है।
14 अक्तूबर को जलालउद्दीन के खेत में उसके मवेशी घुस गए। इसी बात पर पिता-पुत्रों ने जाति सूचक गाली गलौज कर उसके भाई की पत्नी व भतीजे को मारा पीटा। बचाने पर उसको भी लाठी-डंडे मारकर घायल कर दिया।
विवेचक ने आरोपी जलालउद्दीन, बाकर अली, गोविंदा, चंदा उर्फ मेहंदी हसन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जलालउद्दीन की मौत हो गई।
शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी महेंद्र सिंह ने आरोपी बाकर, गोविंदा, चंदा को सजा और जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए।
आरोपी बाकर अली पहले से ही जेल में बंद है। गोविंदा व चंदा को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।