फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल को ई-अस्पताल में परिवर्तित करने के लिए शुरू किए ई-पंजीकरण काउंटर पर जुटी बेशुमार भीड़ में धक्का मुक्की होती रही। महिला-पुरुषों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इसके बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी बढ़ाने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। जबकि पर्चा काउंटर के कर्मचारी फुर्सत में रहने की वजह से घूमते नजर आते हैं। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
लोहिया पुरुष अस्पताल को ई-अस्पताल में परिवर्तन करने का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में हर मरीज का ऑनलाइन पंजीकरण के निर्देश हैं। इसके लिए एक काउंटर पर कर्मचारी तैनात है, जबकि मरीजों की भीड़ हो रही है। बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे ई-पंजीकरण पर महिला और पुरुषों की लंबी कतारें लगी थीं। इनमें महिलाओं की संख्या 100 के करीब रही।
ई-पंजीकरण में कई प्रकार का डॉटा भरना होता है। लिहाजा उसमें समय लग जाता है। ऐसे में परेशान मरीज पहले काम कराने के मकसद से धक्का-मुक्की करने लगे। जिस वक्त ई-पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें लगी थीं, उस वक्त पर्चा काउंटर पर मात्र 15 महिला-पुरुष थे। कई बार पर्चा काउंटर पर कोई मरीज न होने पर कर्मचारी घूमने निकल जाते हैं। मात्र एक कर्मचारी ही सीट पर बैठा दिखता है। इसके बावजूद ई-पंजीकरण काउंटर पर सब कुछ जानते हुए भी कर्मचारी बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी जाती। इससे ई-पर्चा काउंटर कर्मी के साथ मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मरीजों का कहना है कि जब सभी का ई-पंजीकरण होना है, तो काउंटर भी बढ़ाना चाहिए। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि वह इस मामले को दिखवाएंगे। हालांकि ई-पंजीकरण काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारी एक ही है। फिर भी मरीजों के हित में वह इस समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।