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फर्रुखाबादः सचिव ने अपने व करीबियों के खातों में भेजे 18 लाख

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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मदनपुर में सचिव ने अपने व करीबियों के खातों में 18 लाख रुपये से अधिक का सरकारी धन ट्रांसफर किया है। प्रधान के कार्यकाल के अलावा प्रशासन की तैनाती के दौरान यह खेल जमकर हुआ।
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डीपीआरओ कार्यालय से बीते दिनों की गई मॉनीटरिंग में यह मामला खुलकर सामने आ गया। इसी बीच तत्कालीन डीपीआरओ विनय सिंह का स्थानांतरण होने से मामला दब गया था। अब मामला सीडीओ के संज्ञान में आने से चर्चा में है। सीडीओ ने दोषी सचिव पर कार्रवाई के साथ रिकवरी की बात कही है।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सचिव व प्रधानों की मिलीभगत का खेल किसी से छिपा नहीं है। जांच में गबन की पुष्टि होने पर कार्रवाई भी होती है। शासनादेश के अनुसार, ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के लिए चयनित फर्म सचिव व प्रधान के सगे संबंधियों की नहीं होनी चाहिए। मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत मदनपुर में तो शासनादेश के सभी नियम ही टूट गए।
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विकास कार्यों का भुगतान पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए किया जाता है। इसकी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग की जाती है। पोर्टल की रिपोर्ट के जरिए ग्राम पंचायत मदनपुर में वर्ष 2019-20, 2020-21 व 2021-22 में निजी खातों में लाखों का भुगतान कर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इन वर्षों में ग्राम पंचायत में सचिव विनय कुमार सिंह की तैनाती थी। उनके पारिवारिक भाई, फर्म व करीबियों के निजी खातों में लाखों का भुगतान किया गया है।
कुछ इस तरह हुआ भुगतान
25 दिसंबर 2020 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त हो गए थे। प्रशासकों का कार्यकाल मई 2021 तक रहा। नवनियुक्त प्रधानों का मई में शपथग्रहण होनेेे के बाद भी पूरे महीने प्रशासकों के डोंगल से भुगतान होता रहा। अप्रैल से मई तक प्रशासकों ने जमकर भुगतान किया। जनपद में सर्वाधिक भुगतान मोहम्मदाबाद ब्लाक में किया गया था। इस बीच मदनपुर में सचिव विनय कुमार सिंह के खाते में छह बार में एक लाख 10 हजार 892 रुपये ट्रांसफर किए गए।
फिर 10 मई को दो बार में 99 हजार 292 रुपये ट्रांसफर हुए। कुल दो लाख 10 हजार रुपये से अधिक रुपये सचिव ने अपने खाते में ट्रांसफर किए। इसके अलावा सचिव का सहयोग करने वाले उनके पारिवारिक भाई संदीप सिंह चौहान के खाते एक लाख 53 हजार रुपये व सचिव के परिवार की फर्म सूर्यांश इंटरप्राइजेज को तीन लाख 76 हजार 433 रुपये ट्रांसफर किए गए।
प्रधान के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2019-20 में संदीप सिंह चौहान के खाते में दो लाख 60 हजार 477 रुपये, सूर्यांश इंटरप्राइजेज को दो लाख 99 हजार 391 रुपये, वर्ष 2020-21 में संदीप सिंह चौहान के खाते में 60 हजार व सूर्यांश फर्म के खाते में चार 71 हजार 451 रुपये ट्रांसफर किए गए।
इन तीनों खातों में तीन वर्ष में 18 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा भी कई निजी खातों में भुगतान हुआ है। सचिव व उनके परिजनों के खातों में भुगतान की पुष्टि विभागीय कर्मचारियों ने भी की।
बोले जिम्मेदार
- सचिव विनय कुमार सिंह ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। प्रधान हरगोविंद सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी संगीता यादव के कार्यकाल में सचिव विनय कुमार सिंह का काम उनके पारिवारिक भाई संदीप चौहान देखते थे। इसी वजह से भुगतान किया होगा। सचिव के खाते में प्रशासक के कार्यकाल में भुगतान किया गया है।
- डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि सचिव अपने खाते में ग्राम पंचायत की धनराशि किसी भी कीमत पर ट्रांसफर नहीं कर सकता। प्रधान व उसके संबंधियों की फर्म से काम भी नहीं लिया सकता। सचिव व उनके परिजनों के खातों में भुगतान करना खुलेआम वित्तीय अनियमितता है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- सीडीओ एम. अरून्मोली ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वित्तीय अनियमितता की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर कार्रवाई के साथ ही रिकवरी भी कराई जाएगी।
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