गांव कुबेरपुर दमदमा के मूल निवासी रिटायर्ड डीएसपी ने वर्षों से गांव और परिवार से नाता तोड़ लिया था। लखनऊ में गोली मारकर आत्महत्या कर लेने की परिवार के लोगों को सूचना भी नहीं मिली। गांव में रह रहे छोटे भाई और अन्य परिजनों ने उनकी मौत पर दुख जताया। कायमगंज के कुबेरपुर दमदमा के मूल निवासी 73 वर्षीय कैलाश चंद्र यूपी पुलिस के डीएसपी पद से वर्ष 2010 में रिटायर्ड हुए थे। अपने सर्विस काल से ही वे लखनऊ में रहने लगे थे। लखनऊ सेक्टर जानकीपुरम में मंगलवार दोपहर उन्होंने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। यह सूचना उनके गांव या परिवार को नहीं दी गई।
बुधवार सुबह गांव में उनके छोटे भाई रामनिवास व उनकी पत्नी हसमुखी देवी अहाते में गमगीन बैठे थे। रामनिवास ने बताया कि उनके तीन भाई-बहन थे। उनसे बड़े भाई रामप्रकाश की भी मौत हो चुकी है। बड़े भाई कैलाश चंद्र ने यहीं शिक्षा ली और दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। भाई का पहले तो गांव और घर पर आना जाना बना रहा। मगर करीब 22 वर्षों से वे यहां नहीं आए। उनके इकलौते पुत्र रवि की 1992 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में पत्नी पुष्पा सिंह की भी सड़क हादसे में जान चली गई। उन्होंने भांजे अंशुल को गोद ले लिया था।अंशुल व उनकी पत्नी पूनम उनके साथ रहते थे। पत्नी और बेटे की मौत से वे टूट से गए थे। बीमार भी रहते थे।इसी वजह से उन्होंने जान दे दी। रामनिवास ने बताया कि भाई का अंतिम संस्कार भांजा करेगा।