फर्रुखाबाद। हाईवे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल पहली बरसात में ही खुल गई। निर्माण पूरा होने से पहले नाला टूट गया है। बारिश में मिट्टी धुल जाने से काटे गए वृक्ष की जड़ पर नाला टिका रह गया। ऐसा निर्माण हुआ तो हाईवे जानलेवा साबित हो सकता है।
इटावा-बरेली हाइवे को 730सी हाइवे में परिवर्तित कर चौड़ीकरण कराया जा रहा है। अभी निर्माण कार्य चल रही है। निर्माण की गुणवत्ता खराब होने से नाला बनने से पहले ही टूटने लगा है। बरसात शुरू हुई तो अमानक निर्माण खुलकर सामने आ गया। हाईवे का 49.700 किलोमीटर हिस्सा जिले में आता है। हालात यह है कि शहर में पांचालघाट से लेकर नेकपुर चौरासी तक हाईवे किनारे बना नाला कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात में मिट्टी धसक कर पानी में बह चुकी है। निर्माण के लिए हाईवे के किनारे खड़े वर्षों पुराने हजारों दरख्त भी कट गए। गुणवत्ता की हकीकत देखें तो कई स्थानों पर नाले के नीचे की पूरी मिट्टी गायब हो चुकी है। कटे हुए वृक्ष की जड़ पर नाला टंगा हुआ दिखाई दे रहा है। इसी तरह हाईवे के नीचे की भी मिट्टी यदि पानी में बह गई तो बड़े हादसे की भी प्रबल आशंका है।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत हाईवे का अमानक निर्माण होने की केंद्रीय परिवहन मंत्री को शिकायत भेज चुके हैं। अभी तो हाईवे का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ और पहले वर्ष की बरसात में ही गुणवत्ता की पोल खुलकर सामने आ गई।
ठेकेदार को नोटिस, कराया जा रहा सर्वे
हाईवे निर्माणाधीन है। अभी कोई काम पूरा नहीं हुआ है। बरसात में नाले के नीचे की मिट्टी और हाइवे के किनारे की जो मिट्टी पानी में बह गई है, उसका टीम लगाकर सर्वे कराया जा रहा है। बिजली पोल में ग्राउटिंग मानक से कम होने को लेकर ठेकेदार को चेतावनी नोटिस दे चुके हैं। मॉनीटरिंग के लिए वह बिजली विभाग को भी पत्र लिख रहे हैं। जो कार्य मानक के विपरीत है, उसे दोबारा कराया जाएगा।
विश्वास मिश्रा, साइट इंजीनियर, एनएचएआई