फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के खातों से पैसे निकालने को लेकर जनसेवा केंद्र पर किसानों से हुई धोखाधड़ी के मामले की जांच करने कृषि विभाग की टीम गांव पहुंची। पीड़ित किसानों से बयान लेकर लिखित में पत्र भी लिए। वायरल ऑडियो में कृषि विभाग के जिस जिम्मेदार का नाम लिया जा रहा है, जांच टीम उसे भी साथ ले गई। इससे साफ है कि जांच टीम उसे बचाने के प्रयास में है।
मऊदरवाजा थाने के गांव बड़ी गुलड़िया समेत कई गांवों के किसानों के साथ सलावत खां स्थित जनसेवा केंद्र पर हुई धोखाधड़ी के मामले की जांच करने कृषि विभाग के अशोक यादव, रामकिशोर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। इसके अलावा पीड़ित किसान नन्हे, अनीता, बलवीर आदि के बयान दर्ज किए। गांव के ही मुलायम सिंह, हरी सिंह, अमर सिंह, मलिखान सिंह, अखिलेश आदि से पत्र भी लिए। किसानों ने कहा कि वह जब भी किसान सम्मान निधि का पैसा सलावत खां स्थित जनसेवा केंद्र पर निकालने गए, तो आधे रुपये ही दिए गए। जांच टीम ने किसानों को आरोपी पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि जांच अधिकारी अपने विभाग के उस व्यक्ति को भी साथ लाए थे, जिसका नाम ऑडियो में सामने आ रहा है। यही नहीं कृषि विभाग के लोगों के साथ जनसेवा केंद्र संचालक भी गांव पहुंचा। उसकी बातों से साफ है कि किसानों की सम्मान निधि रुकवाने और निकलवाने में कृषि विभाग के कर्मियों का भी हाथ है। कृषि विभाग के आरोपी कर्मी ने अन्य किसानों की रुकी किश्तें दिलवाने और जिन किसानों को किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही, उन्हें दिलवाने का भरोसा दिया है। जांच टीम अपने विभाग के कर्मी को बचाने के प्रयास में है।
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ई-गवर्मेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड के जांच अधिकारी सुस्त
जनसेवा केंद्र पर किसानों से धोखाधड़ी के बावजूद ई-गवर्मेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड के जिम्मेदार सुस्त हैं। जिला प्रबंधक अनुदित बाजपेई ने इसकी जांच जिला समन्वयक अभिषेक दुबे को सौंप दी थी। इसके बावजूद जिला समन्वयक ने शनिवार को भी जनसेवा केंद्र पर पत्रावली की पड़ताल करने की जरूरत नहीं समझी। इससे कई तरह की आशंकाओं को बल मिल रहा है। पूछने पर जिला समन्वयक ने बताया कि वह रविवार को जाकर लेन-देन की पत्रावली लेंगे। ग्रामीणों से भी संपर्क करेंगे।