फर्रुखाबाद। शमीम हत्याकांड में बसपा नेता के सामने सीबीसीआईडी के तत्कालीन विवेचक से जिरह की गई।
वर्ष 1995 में लकड़ी ठेकेदार शमीम की गोली मारकर हत्या की गई थी। अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी।
कन्नौज कोतवाली गुरसहायगंज के कस्बा समधन निवासी ठेकेदार शमीम की 26 जुलाई 1995 में फतेहगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
भाई ने फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, बाल किशन उर्फ शिस्सू सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा सीबीसीआईडी लखनऊ में स्थानांतरित हो गया था। सीबीसीआईडी के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
बसपा नेता अनुपम ने 14 जुलाई 2021 को जीआरपी इंस्पेक्टर राम निवास की हत्या में कुर्की के आदेश होने पर कोर्ट में समर्पण कर दिया था।
लकड़ी ठेकेदार की हत्या के मुकदमे में शुक्रवार को जिला जज की कोर्ट में बसपा नेता अनुपम दुबे पेशी पर आए। विवेचक प्रमोद कुमार शर्मा से अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के वकीलों ने जिरह की। मुकदमे की सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख नियत की गई है।