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Farrukhabad News: बीम व कालम खिसकने से 2.41 करोड़ का तहसील भवन हुआ क्षतिग्रस्त

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फर्रुखाबाद। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते बीम व कालम खिसकने से 2.41 करोड़ का तहसील भवन क्षतिग्रस्त हो गया। टीले के मुहाने पर मजबूती का आकलन किए बिना ही दो मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई थी। पिछले डेढ़ माह में तीन बार टीले का बड़ा भूभाग गिरने पर भी जिम्मेदार नहीं चेते। इसका नतीजा यह रहा कि भवन का 60 फीसदी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। अब टीले के नीचे बसे लोगों का जीवन भी खतरे में है।
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तहसील भवन का निर्माण वर्ष 2005 में शुरू हुआ था। दो करोड़ 41 लाख 97 हजार रुपये की लागत से बने भवन को 31 जुलाई 2009 में हस्तांतरित किया गया था। तहसील के नए भवन की पूर्वी दीवार के पीछे बनी बाउंड्रीवाल में बमुश्किल तीन फीट ही जगह छोड़़ी गई। यह बाउंड्रीवाल टीले के ठीक मुहाने पर ही बनाई गई। टीले के नीचे पड़ताल में साफ दिख रहा है कि बस्ती के लोग मिट्टी की जरूरत इसी टीले से खनन कर पूरा करते हैं। हालात ऐसे हैं कि करीब 50 फीट ऊपर बड़ा भूभाग लटकता दिख रहा है। यही नहीं छह अगस्त को राजस्व बंदीगृह के पीछे बाउंड्रीवाल के साथ मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया था।
इससे रकाबगंज खुर्द में बने एक मकान का एक मंजिल तक हिस्सा मिट्टी से ढक गया था। पिछले सप्ताह कुछ दूर राधेश्याम की डेयरी के सामने सड़क पर लगभग 50 ट्राॅली मिट्टी आ गिरी। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। यही नहीं तेज बारिश में मुख्य भवन के पीछे करीब 45 फीट दूरी तक की बाउंड्रीवाल धंसकर खाई में चली गई। यह सब होने के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते उच्चस्तरीय तकनीकी टीम को बुलाकर उपाय किए जाते, तो करोड़ों रुपये से बने भवन को बचाया जा सकता था। मगर अब दरारें पड़ने के बाद उसे खाली कराया जा रहा है।
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एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि जांच कमेटी के अधिकारियों ने भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया। बीम व कालम खिसकने से भवन क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन के निर्देशानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता ने भी जांच की है।

जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह ने बताया कि चार सदस्यीय कमेटी काे जांच के लिए नामित कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उच्च स्तरीय तकनीकि जांच के लिए किसी संस्था को नामित किया जाएगा। भवन असुरक्षित है। उसके उपयोग पर रोक लगा दी है। विस्तृत जांच आने के बाद यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
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