फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग का फतेहगढ़ स्थित टीबी अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। गुरुवार को ओपीडी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट ही मरीज देखकर दवाई लिख रहे थे।
जनपद को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं इलाज में लापरवाही चल रही है। जिला क्षय रोग अस्पताल में दोपहर 12 बजे कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। डॉक्टर के कक्ष में फार्मासिस्ट विकास कुमार गुप्ता मरीज देखकर उन्हें जांच व दवाई लिख रहे थे। उस दौरान तक उन्होंने सात मरीज देखे, जबकि कक्ष के बाहर पांच अन्य मरीज खड़े।
पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि डॉ.शेखर यादव की ड्यूटी थी, लेकिन वह नहीं आए। अक्सर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आते नहीं या फिर कुछ देर रुककर चले जाते हैं। इससे फार्मासिस्ट के भरोसे ही मरीज रहते हैं। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि डॉ.शेखर यादव को अचानक एनक्वास कार्यक्रम के तहत गैर जनपद के अस्पतालों की जांच करने जाना पड़ गया। शुक्रवार से हर कीमत पर एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी।