फर्रुखाबाद। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार प्रथम ने सरकार बनाम पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल के मुकदमे की सुनवाई की। न्यायिक दंडाधिकारी ने पत्रावली को देखा, तो पता चला कि अभियोजन पक्ष ने किसी भी साक्षी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। सभी गवाह पुलिस विभाग से संबंधित हैं। साक्षियों के विरुद्ध सम्मन भी भेजे गए, मगर शहर कोतवाल ने उनका तामीला नहीं कराया, और न ही आख्या प्रस्तुत की। यह अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने शहर कोतवाल को निर्देश दिए कि वह छह जनवरी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर तामीला न कराने संबंधी लिखित स्पष्टीकरण दें। न्यायिक दंडाधिकारी ने एक प्रति एसपी को भेजकर व्यक्तिगत रूप से तामीला कराने के लिए कहा है। (संवाद)