फर्रुखाबाद। बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीमती खेत का फर्जी तरीके से बैनामा करने आई महिला को सबरजिस्ट्रार ने पकड़ लिया। पूछताछ में शक मजबूत होने पर बायोमीट्रिक जांच में असलियत सामने आ गई। महिला का पुत्र भी पुलिस के हवाले किया गया है। मौका पाकर दलाल फरार हो गया। क्रेता ने थाने में तहरीर दी है।
सदर तहसील के रजिस्ट्री दफ्तर में सबरजिस्ट्रार के सामने शुक्रवार शाम करीब चार बजे एक बैनामा लाया गया। विक्रेता के रूप में पहुंची लौंगश्री निवासी मराहला, थाना मोहम्मदाबाद से सबरजिस्ट्रार रविकांत यादव ने नाम पूछा। महिला के मुंह से सीमा निकल गया। उसने अपने गांव का नाम भी मदनपुर बताया। इस पर सबरजिस्ट्रार को शक हो गया। उन्होंने महिला का बायोमीट्रिक मशीन से आधार कार्ड निकलवाया, तो असलियत सामने आ गई। उसमें महिला का नाम सीमा देवी, पत्नी मनोज कुमार, निवासी मदनपुर, मोहम्मदाबाद निकला।
सीमा ने बताया कि मोहम्मदाबाद थाने के गांव कमालपुर निवासी लाखन ने बैनामा करने के बदले एक लाख रुपये देने की बात कही थी। वही यहां लेकर उसे आया था। सबरजिस्ट्रार ने मऊदरवाजा थाना पुलिस बुलाकर महिला और उसके पुत्र आकाश को सौंप दिया।
इसके बाद क्रेता मैनपुरी के थाना बेवर के गांव किशनपुर गढिया निवासी श्यामू ने बताया कि लाखन ने 30 लाख रुपये में हाईवे किनारे करीब साढ़े तीन बीघा जमीन का सौदा कराया था। उसे जालसाजी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। श्यामू ने महिला सीमा देवी, आकाश और लाखन के खिलाफ तहरीर दी है। सब रजिस्ट्रार रविकांत यादव ने बताया कि महिला का बयान लेने के दौरान ही सच सामने आ गया था। इसी के चलते बैनामा होने से पहले ही फर्जीबाड़ा पकड़ा गया है।