फर्रुखाबाद। यूपी बोर्ड ने नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के जरिये रोजगार का सपना तो दिखाया, लेकिन छात्र-छात्राओं ने उसे नकार दिया है। बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के चार नए रोजगार केंद्रित पाठ्यक्रमों में एक भी छात्र शामिल नहीं हैं। यह स्थिति तब है जबकि हाईस्कूल की परीक्षा के लिए इस साल जिले भर के 28192 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
शासन के निर्देश पर यूपी बोर्ड ने कौशल विकास योजना के तहत प्लम्बर, सोलर सिस्टम रिपेयरिंग, आपदा प्रबंधन और इलेक्ट्रीशियन का पाठ्यक्रम शुरू किया था। इससे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद युवा सीधे रोजगार से जुड़ सकते हैं। इसे जानकारी का अभाव कहें या फिर छात्र-छात्राओं की अरुचि। चारों नए पाठ्यक्रमों में एक भी पंजीकरण नहीं हुआ। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को रखा जाना था। इन्हें अधिकतम 15 हजार रुपये मानदेय का भुगतान करने की व्यवस्था है।
10वीं के दूसरे कोर्स में भी नहीं खास रुचि
यूपी बोर्ड की ओर से हाईस्कूल स्तर पर पूर्व से संचालित रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में भी छात्र कोई खास रुचि नहीं लेते। 2023 की हाईस्कूल परीक्षा के लिए हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल, रिटेल ट्रेडिंग, मोबाइल रिपेयरिंग व आईटी में भी किसी परीक्षार्थी ने आवेदन नहीं किया है।
इंटरमीडिएट के छात्र भी संजीदा नहीं
रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को लेकर 12वीं के छात्र भी संजीदा नहीं हैं। हिंदी व इंग्लिश टाइपिंग में 45, आशुलिपि एवं टंकण में 40, बैंकिंग में 45, एकाउंटेंसी एवं अंकेक्षण में 46, परिधान रचना एवं सज्जा में 24, पाकशास्त्र कुकरी में 44, फल एवं खाद्य संरक्षण में 9 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
मधुमक्खी पालन, इम्ब्रायडरी, डेयरी टेक्नोलॉजी, रेशम कीट पालन, कोऑपरेटिव, सीड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, प्रिंटिंग, लांड्री डाई, प्लांट नर्सरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी व वीविंग टेक्नोलॉजी में किसी भी परीक्षार्थी ने रुचि नहीं दिखाई है। 12वीं में 23,115 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।