कायमगंज। होली परेवा के दूसरे दिन सीएचसी में पेट दर्द, उल्टी व डायरिया के रोगियों की संख्या अचानक बढ़कर 150 पहुंच गई है। बुधवार को इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक रोगियों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों के समक्ष लंबी कतार लगने से रोगियों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
होली पर्व पर जहां लोगों ने जमकर पानी व रंगों की होली खेली। वहीं, विभिन्न प्रकार के लजीज पकवान का आनंद भी लिया। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ा। पानी में भीगने के कारण लोग सर्दी, जुकाम व बुखार की चपेट में आए। इसके अलावा कई बच्चे, युवा और बुजुर्ग पेट दर्द, मरोड़ और दस्त की समस्या से ग्रसित रहे।
बुधवार को अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लोगों की सुबह 10 बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो गई थी, जो दोपहर दो बजे के बाद तक बनी रही। इस दौरान पहले चिकित्सक को दिखाने को लेकर लोगों में धक्का-मुक्की भी होती रही।
भीड़ बढ़ने के कारण अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा गई। इमरजेंसी से लेकर आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) कक्ष रोगियों की भीड़ से भरा रहा। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को ओपीडी में मरीजाें की संख्या तीन गुनी रही। एक रोगी के साथ तीन से चार तीमारदार मौजूद रहे। इमरजेंसी कक्ष के सामने से लेकर बरामदे तक तीमारदार फर्श पर ही अपना समय गुजारते रहे।
मंगलवार यानी पड़वा के दिन 175 रोगी अस्पताल पहुंचे, लेकिन इसमें 150 रोगी बुखार, उलटी, दस्त से ग्रसित रहे। अन्य रोगी त्वचा संबंधी समस्या से परेशान रहे। बुधवार दोपहर तक यह संख्या 510 तक पहुंच गई। सामान्य रोगियों को चिकित्सक दवा देकर घर भेज दे रहे हैं, लेकिन गंभीर रोगियों को भर्ती करना पडा।
विशेषज्ञ की राय
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि होली के बाद आमतौर पर असंतुलित खान-पान से पेट दर्द व उलटी दस्त की समस्या आ जाती है। चिकित्सकों द्वारा उपचार कर दवा दी जा रही है। आमजन को भी स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने की जरूरत है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो, तो तत्काल सरकारी अस्पताल में चिकित्सक से संपर्क करें।
ये बरतें सावधानियां
- शुद्ध पेयजल का सेवन करें।
- संतुलित आहार का सेवन करें।
- स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
- घर के आस-पास पानी एकत्रित व गंदगी न होने दें।