फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में ट्रांसफर के खेल से स्वास्थ्य सेवाएं फेल हो रही हैं। आकांक्षात्मक ब्लाक की 11 एएनएम स्थानांतरित कर स्वास्थ्य उपकेंद्र रिक्त कर दिए गए। जिम्मेदार मरीजों के बजाए अपना निजी लाभ देख रहे हैं।
जनपद में गत माह शासन से 64 एएनएम की नियुक्ति हुई थी। सभी को गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात किया जाना था। जांच के नाम पर पहली तैनाती में खेल शुरू हुआ। जिसका जुगाड़ बना उसे मनचाहा उपकेंद्र मिल गया। बची 12 एएनएम को आकांक्षात्मक ब्लाक राजेपुर में व 14 को नवाबगंज में तैनाती दी गई। अब फिर सेटिंग से ट्रांसफर का खेल जोर पकड़ रहा है। नवाबगंज से चार एएनएम स्थानांतरित होने से स्वास्थ्य उपकेंद्र गठवाया, कुरार व पिलखना खाली हो गए। जबकि उपकेंद्र इजौर में तैनात की गई एएनएम प्रभार ग्रहण करके प्रसूती अवकाश पर चली गई। वहीं, ब्लाक राजेपुर से सात एएनएम स्थानांतरित कर दी गई। अब राजेपुर क्षेत्र के उपकेंद्र परमनगर, सरह, हरसिंहपुर कायस्थ, अमृतपुर, अलीगढ़, अमैयापुर, दौलतपुर चकई एएनएम विहीन हो गए। अब इन क्षेत्रों में गर्भवती, प्रसूता व नवजात का टीकाकरण करने वाला भी काेई नहीं है। सूत्रों की मानें तो स्थानांतरण के नाम पर 40 से 50 हजार रुपये वसूली की जा रही है।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि शासन की ओर से 33 एएनएम की तैनाती की जा रही है। सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। शहर में नियम विरुद्ध तैनाती व स्थानांतरण में वसूली के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।