अमृतपुर। गंगा नदी में पानी छोड़े जाने से बाढ़ की आशंका से सतर्क प्रशासन तैयारियां पूरी करने में जुट गया है। तहसीलदार ने लेखपालों को डुगडुगी पिटवाकर ग्रामीणों को सचेत करने के निर्देश दिए।
तहसील सभागार में शनिवार को एसडीएम अतुल कुमार सिंह व तहसीलदार करमवीर सिंह ने लेखपालों के साथ बैठक की। कहाकि बाढ़ से प्रभावित गांवों की सूची तैयार करें। बाढ़ में लगाई जाने वाली नाव व नाविकों की सूची के साथ मोबाइल नंबर भी अंकित करें। बाढ़ चौकियों पर लगे कर्मचारियों के मोबाइल नंबर सहित सूची बनाएं। उन्होंने कहा बाढ़ शरणस्थलों पर आने वाले पीड़ितों के लिए खाने-पीने और सोने की व्यवस्था की जाए। सभी लेखपाल तीन वर्ष में प्रभावित गांव में दी गई सहायता की सूची अपने बस्ते में रखें। बाढ़ पीड़ितों की सूची तैयार कर राशन किट वितरित कराई जाए। गंगा में एक लाख 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना से तहसील प्रशासन सतर्क हो गया है। रजिस्ट्रार कानूनगो मो. आबिद खां, कानूनगो महावीर, पवन यादव, कुलदीप तिवारी, उदय प्रताप आदि मौजूद रहे।
गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटा व रामगंगा का 15 सेमी बढ़ा
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर शनिवार को 136.20 मीटर से 15 सेंटीमीटर कम होकर 136.05 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से 68,957 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दो दिन पहले गंगा का जलस्तर बढ़ने से करीब 12 गांव में पानी भर गया था। जलस्तर घटने से गांव से पानी निकल गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गत वर्ष बाढ़ में सब कुछ बर्बाद हो गया था। रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटी मीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे रामगंगा का जलस्तर 134.85 मीटर से बढ़कर 135.00 मीटर पर पहुंच गया हैं। खो हरेली रामनगर से 7,775 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।