संवाद न्यूज एजेंसी
संकिसा। सिक्किम के गंगटोक में तैनात हवलदार के शहीद होने पर उसका शव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए आसपास गांवों के लोगों की भारी भीड़ रही। शहीद सैनिक को राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। सांसद मुकेश राजपूत व एसडीएम सदर ने भी अंतिम दर्शन किए।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव बामिया निवासी सेवानिवृत सूवेदार रणवीर सिंह यादव का पुत्र दिनेश चंद्र यादव सेना में सिक्किम के गंगटोक में हवलदार के पद पर तैनात था। उसका स्थानांतरण हो गया था। लिहाजा वह टैंक से पानी भरने गया था। वहां पैर फिसलने से हुए हादसे में वह शहीद हो गया। शुक्रवार रात करीब 11 बजे उसका पार्थिव शरीर पैतृक ग्राम पहुंचा, तो चीत्कार मच गया। गांव ही नहीं आसपास गांवों के लोगों की भारी भीड़ शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उत्सुक थे। शनिवार दोपहर 12 बजे फतेहगढ़ से आए सेना के जवानों ने उसे राजकीय सम्मान से विदाई दी। बड़े पुत्र नितिन यादव ने मुखाग्नि दी।
शव यात्रा के दौरान छोटा पुत्र आर्यन मां मीरा देवी से गले लिपट कर दहाड़ें मारकर रो रहा था। सैनिक के पिता रणवीर सिंह ने बताया कि बेटे का असमय जाना असहनीय दर्द देने वाला है। मगर उन्हें फक्र है कि वह भारत माता की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ है। मां विशना देवी की मृत्यु हो चुकी है। भाई अवधेश चंद्र यादव गांव में खेती करते हैं। सैनिक की पत्नी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए फतेहगढ़ में रहती है। ग्रामीणों ने सरकार से नगला नारायण सुल्तानगर रोड पर सरकारी भूमि पर शहीद की याद में स्मृति द्वार बनवाने की मांग की।
अंतिम यात्रा में सांसद मुकेश राजपूत, एसडीएम सदर, कायमगंज क्षेत्राधिकारी, मेरापुर थानाध्यक्ष, प्रधान आशुतोष मिश्रा, जगवीर सिंह यादव, सपा सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सदस्य बेचलाल यादव, जिलाध्यक्ष अमित कुमार यादव, रामाधार सिंह यादव, कश्मीर सिंह, अवधेश सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोहर लाल, छोटे सिंह, महेंद्र सिंह, अशोक कुमार, इस्तखार हुसैन आदि ने हिस्सा लिया।