फर्रुखाबाद। दीनदयाल बाग गांव के सामने इटावा-बरेली हाईवे के किनारे से गुजरी 33 हजार केवी की लाइन के कई खंभों के नीचे से मिट्टी धंस गई है। पोल कभी भी गिर सकते हैं। समाचार लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति भी बंद नहीं की गई थी। इससे बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
इटावा-बरेली हाईवे किनारे 33 हजार लाइन गुजरी है। हाईवे के चौड़ीकरण के लिए बिजली के खंभों को पीछे हटाया गया था। नई लाइन डालकर खंभे लगाए गए थे। वहीं मिट्टी का भराव डालकर उसको दबाया नहीं गया। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बरसात के कारण हाईवे के किनारे की मिट्टी कटने लगी। इससे बिजली के इन खंभों की जड़ तक दिखाई देने लगी है।
कटान का आलम यह है कि कभी भी खंभे गिर सकते हैं। शुक्रवार दोपहर तेज बरसात होने के चलते खंभों के नीचे की मिट्टी कटने लगी। पानी के तेज बहाव के चलते मिट्टी कटने से पोल धंस गए।
मौजूदा हाल यह है कि मिट्टी धंसने से पोल गिरने का खतरा है। अगर पोल गिरते हैं तो बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। क्योंकि इटावा-बरेली हाईवे पर 24 घंटे बड़े वाहनों और राहगीरों का आवागमन रहता है। हालांकि विभागीय अधिकारी खंभों को ठीक कराने की बात कह रहे हैं। अभी तक बिजली आपूर्ति भी बंद नहीं कराई गई है।
जेई बोले, जिसे जानकारी देना थी, उसे दे दी
पांचाल घाट के जेई विजय शंकर यादव से जब पूछा कि उच्चाधिकारियों को खंभों के नीचे से मिट्टी धंसने की जानकारी दी कि नहीं। इस पर वह बोले कि जिसे जानकारी देनी थी, उसे दे दी।
बोले जिम्मेदार
इटावा-बरेली हाईवे का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) करवा रही है। पोल आदि शिफ्टिंग की जिम्मेदारी भी एनएचआई की है। दीनदयाल बाग गांव के सामने 33 हजार लाइन के खंभों से मिट्टी धंसने की जानकारी शाम को लगी है। आपूर्ति बंद कराकर एनएचआई को सूचना दी है।
- बृजभान सिंह, एक्सईएन शहरी
इटावा-बरेली हाईवे किनारे 33 हजार की लाइन गुजरी है। खंभों के नीचे से मिट्टी धंसने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो तत्काल आपूर्ति बंद कराकर खंभों को ठीक कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
- अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता