फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद में बिना आदेश भवन ध्वस्तीकरण में सीएचसी प्रभारी फंस गए हैं। सीएमओ को वह जवाब नहीं दे सके। निरीक्षण के दौरान बीसीपीएम सहित चार कर्मचारी गैरहाजिर मिले। उनका वेतन रोक दिया गया।
सीएचसी परिसर में ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण कराने के लिए बिना आदेश सरकारी भवन ध्वस्त करा दिया गया। इस मामले में अमर उजाला ने सोमवार व मंगलवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इस पर सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने एसीएमओ डॉ. मलिक आलमगीर के साथ मंगलवार को खुद ही सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल से पूछा कि भवन ध्वस्तीकरण का किसने आदेश दिया था। इस पर वह जवाब नहीं दे सके। सीएमओ ने उपस्थिति रजिस्टर देखा। इसमें एलटी राजन कुमार 21 जनवरी से लगातार गायब मिले। एलटी देवेश कुमार के मौजूद न होने पर अनुपस्थिति दर्ज की।
बीसीपीएम साधना सिंह व स्टाफ नर्स अनीता देवी तीन दिनों से गैरहाजिर थीं। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि भवन ध्वस्तीकरण के मामले में सीएचसी प्रभारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। फिलहाल उन्होंने एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा, डॉ.मलिक आलमगीर व अवर अभियंता विजय सक्सेना की जांच कमेटी गठित की है। जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
पीएचसी फैजबाग में मिली गंदगी
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने पीएचसी शमसाबाद का निरीक्षण किया। वहां गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। सफाई कराने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि पीएचसी भवन में सीडीपीओ कार्यालय बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने भवन का निरीक्षण किया तो वहां खाली कक्षों में कबाड़ भरा मिला है। कमेटी से कबाड़ का निस्तारण कराने के बाद भवन दिया जाएगा।
मृतक छात्र आलेख।
मृतक छात्र आलेख।