फर्रुखाबाद। गैरइरादतन हत्या में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दो दोषियों को सात वर्ष की सजा सुनाई है। गंगुआपुर रेलवे स्टेशन पर दोनों दोषियों ने कैडेट छात्र से मारपीट की थी। कैडेट की इलाज के लिए कानपुर ले जाते समय मौत हो गई थी।
जनपद कन्नौज थाना इंदरगढ़ निवासी वीरेंद्र का पुत्र प्रशांत कस्बे के वीएसएम इंटर कॉजेल में बीए का छात्र था। प्रशांत ने एनसीसी ले रखी थी। वह एनसीसी के कैंप में कानपुर गया हुआ था। 8 नवंबर 2019 को प्रशांत रावतपुर स्टेशन से ट्रेन से घर आ रहा था।
गंगुआपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर प्रशांत खड़ा था। उसी दाैरान गांव गंगवापुर निवासी गोविंद कटियार ने दो अज्ञात युवकों को फोन करके बुला लिया। तीनों लोगों ने प्रशांत के साथ गालीगलौज कर मारपीट की। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 12 नवंबर को परिजन उसको इलाज के लिए ले जा रहे थे। रास्ते में प्रशांत की मौत हो गई।
पिता ने गोविंद सहित दो अज्ञात के खिलाफ जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचक ने गोविंद व शशिकांत उर्फ दीनू कटियार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विवेचक ने तीसरे शख्स को चार्जशीट से हटा दिया था। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर गैर इरादतन हत्या में गोविंद व शशिकांत कटियार को दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई। दोनाें दोषियों को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायाेजित करने के भी आदेश दिए हैं।