फर्रुखाबाद। ट्रक की टक्कर से कार सवार सात बराती घायल हो गए। घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पांच घंटे बाद भी एक्सरे न होने से गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद परिजन बिना इलाज कराए गंभीर घायलों को निजी अस्पताल ले गए।
जिला बदायूं थाना उसहैत के गांव सतेती पुख्ता निवासी वीरपाल (44) अपनी कार से रिश्तेदार की बरात में हरदोई के थाना हरपालपुर के गांव बेहटा गए थे। सोमवार सुबह घर जा रहे थे। राजेपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार एक ट्रक ने कार में टक्कर मार दी। कार अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गई। उसमें सवार वीरपाल के भाई मोरपाल (40), राधेश्याम (40), संजीव (32), मोरपाल का पुत्र शिवम (10), राधेश्याम का पुत्र शैलेश (17) और संजीव का पुत्र रजत (5) घायल हो गए। घायलों को राजेपुर सीएचसी ले जाया गया। हालत ठीक न होने पर घायलों को सुबह साढ़े छह बजे लोहिया अस्पताल लाया गया।
सूचना मिलने पर परिवार के महिला पुरुष अस्पताल पहुंच गए। कई बार कहने पर भी वार्ड के स्टाफ ने 11 बजे तक एक्सरे नहीं कराया, तो तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर किसी सुरक्षा गार्ड के न होने से विवाद बढ़ता गया। गुस्साए परिजन पांच घायलों को एक्सरे रूम लाए, मगर वहां तकनीकी खराबी की बात कह दी गई। इसके बाद परिजन घायलों को वार्ड में ले आए। एक घायल की हालत बिगड़ने पर परिजन चार घायलों को निजी अस्पताल लेकर चले गए। परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही और अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया।
कोट
इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद आर्थो सर्जन से एक्सरे लिखवाया जाता है। डॉक्टर राउंड पर होते हैं, लिहाजा देर होती है। एक्सरे मशीन सही थी। एसी में कुछ काम कराया था। गंभीर मरीज की जानकारी होती, तो तुरंत एक्सरे करवा दिया जाता। गार्ड के बारे में जानकारी करेंगे।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस लोहिया जिला अस्पताल।