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Farrukhabad News: गबन में तत्कालीन सचिव को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा

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फर्रुखाबाद। 45 हजार रुपये के गबन में साधन सहकारी समिति के तत्कालीन सचिव को कोर्ट ने पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 13 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। तत्कालीन सचिव ने 38 वर्ष पहले फर्जी चेक भेजकर 400 बोरी खाद मंगवाकर हड़प ली थी।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला हरभगत निवासी सुरेश बाबू पाठक ब्लाक राजेपुर के गांव पिथनापुर साधन सहकारी समिति में सचिव के पद पर तैनात थे। समितियों में लखनऊ की यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड फर्म खाद व यूरिया की सप्लाई करती थी। 26 जुलाई 1984 को सुरेश बाबू पाठक ने 400 बोरी खाद की सप्लाई के लिए पत्र भेजा और 45,100 रुपये का चेक संलग्न करके भेजा। चेक बैंक में लगाने का भी पत्र में उल्लेख किया। लखनऊ से खाद की बोरियां भेज दी गईं। एक अगस्त को जब भेजी गई खाद के रुपये का मिलान किया गया तो रकम कम पाई गई।
जांच में पता चला कि सुरेश बाबू की ओर से भेजा गया चेक बैंक में नहीं लगाया गया। इस मामले में सहकारी बैंक के तत्कालीन अधिकारी हरिमोहन पोरवाल ने तत्कालीन सचिव सुरेश बाबू पाठक सहित तीन के खिलाफ धोखाधड़ी कर गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई कर रहे एसीजेएम राजेंद्र कुमार सिंह ने सुरेश बाबू पाठक को पांच वर्ष सश्रम करावास की सजा सुनाई है।
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