फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जिले के निकायों में स्वीकृति भले ही 12,094 आवासों को मिली हो, मगर तीसरी किस्त मात्र 5225 को दी जा सकी है। पहली किस्त देने के बाद दूसरी न आने से 4295 परिवार मुसीबत में फंस गए हैं। उन्होंने अपने पुराने घरौंदों को उजाड़ दिया। अब कड़ाके की धूप व मूसलाधार बारिश उनके लिए आफत बन गई है।
भाजपा की केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना चालू की। जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से फर्रुखाबाद, कायमगंज, कंपिल, कमालगंज, शमसाबाद, मोहम्मदाबाद निकायों में 12,054 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन आवासों में 11,010 को प्रथम किस्त, 6715 को द्वितीय व 5225 को तीसरी किस्त जारी की गई। इनमें 4254 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें छह माह बाद भी दूसरी किस्त नहीं मिल सकी। 50 हजार रुपये की पहली किस्त मिलने पर उन्होंने पुराने घरौंदों को तुड़वाकर नींव भरवा ली। नींव तैयार होने पर सर्वे भी करवा दिया। मगर दूसरी किस्त न आने से कड़क धूप की भीषण गर्मी और अब बारिश में पॉलिथीन व टिन शेडों में समय काटने को मजबूर हैं।