- 14 जून को हुई हत्या का प्लांट संचालक समेत तीन पर दर्ज है मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। एक माह पूर्व संदिग्ध हालातों में युवक की हत्या का झांसी विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई टीम ने घटना का सीन री-क्रिएशन किया। टीम में शामिल डिप्टी डायरेक्टर ने थाने में पहुंचकर इंस्पेक्टर से जानकारी ली। किशोर के पिता और माता को बुलाकर उनके बयान भी दर्ज किए।
फतेहगढ़ के मोहल्ला शीशमबाग कैंट छावनी निवासी चंदन सक्सेना के पुत्र करन सक्सेना (19) का शव 14 जून की शाम बरेली-इटावा राष्ट्रीय पर जमापुर से पास दुर्घटना में संदिग्ध हालातों में मौत हो गई थी। कादरीगेट पुलिस घटना को दुर्घटना मानती रही। मगर पिता चंदन ने सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस पर दबाव बनाकर कादरीगेट थाने में सचिन चौरसिया, प्रांशु शुक्ला व मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पिता को पुलिस से न्याय की उम्मीद न होने के कारण वह आईजी से मिले और मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर जांच बदलवाने का आग्रह किया। इसी के बाद उच्चाधिकारियों ने मामला संज्ञान में लिया।
गुरुवार दोपहर बाद झांसी विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डायरेक्टर भूरी सिंह व साइंटिस्ट संतोष कुमार गिरी ने टीम के साथ थाने में पहुंचकर इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला से जानकारी हासिल की। पिता चंदन सक्सेना और मां मंजू को थाने में बुलाया। उनसे घटना की जानकारी हासिल की। वैज्ञानिकों की टीम ने घटना को री-क्रिएट भी किया। पीडि़त पिता चंदन ने बताया कि सचिन चौरसिया पुत्र को घर से ले गए थे। बाद में टेंपो से घर पहुंचकर दुर्घटना होने की बात कही। पुलिस टैक्सी पलटने की बात कहती रही, जबकि अन्य दो साथी के चोटें नहीं आईं। उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच क्राइम ब्रांच से कराना चाहते हैं।
घरेलू विवाद में राजमिस्त्री ने लगाई फांसी
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाने के गांव अजमतपुर निवासी राजमिस्त्री अनुज जाटव उर्फ छोटू (25) का बुधवार शाम परिवार में कुछ विवाद हो गया। इससे गुस्साया छोटू रात में घर से चला गया। गुरुवार सुबह खेतों में पेड़ पर रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। भाई संदीप व चंदन और पत्नी पत्नी संध्या का रो-रो कर बुरा हाल है। उसकी दो साल पहले ही शादी हुई थी। (संवाद)