फर्रुखाबाद। मेडिकल स्टोरों से लिए गए 13 दवाओं के नमूने प्रयोगशाला की जांच में फेल हो गए। इसमें कई कंपनियों की एंटीबायोटिक व पेट से संबंधित दवाएं शामिल हैं। अब मेडिकल स्टोर संचालकों व दवा कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
व्यस्त दिनचर्या के चलते शरीर में जहां बीमारियां पनप रही हैं। वहीं दवाओं में भी अब शुद्धता की गारंटी से विश्वास उठता दिख रहा है। जिला औषधि निरीक्षक ने जनपद के विभिन्न मेडिकल स्टोरों से जुलाई 2023 से लेकर अब तक दवाओं के कुल 73 नमूने लिए। राजकीय प्रयोगशाला में इनकी जांच हुई।
प्रयोगशाला की जांच में 13 दवाओं के नमूने फेल पाए गए। इसमें थमेमिक्लेव (एमोक्सीसाइक्लिन एंड पोटेशियम क्लेवूलेनेट ओरल सस्पेंशन) 228.5एमजी, सिफपोडोक्सिम प्रोक्सेटिल 50 एमजी, डाइसीमेफ टैबलेट, रेबिप्राजोल सोडियम कैप्सूल, एम्लोडिपाइन एंड एटेनॉलोल टैबलेट, रेबजोल-75 कैप्सूल, रेसिड डीएसआर कैप्सूल, रेबिप्रिन कैप्सूल, लोपेरामाइड हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट, लिवोजी टैबलेट, सी सेफ एजेड टैबलेट, प्रीसेफ-200 एलबी टैबलेट, डोक्सिम-200 डीटी टैबलेट शामिल हैं।
कुल लिए गए नमूनों में से 17.80 प्रतिशत नमूने फेल होना भी चिंता का विषय है। औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि कुल 13 दवाओं के नमूने फेल हुए हैं। इनमें एंटीबायोटिक व पेट से संबंधित बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। जिन मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री का रिकार्ड व विक्रेता रसीद प्राप्त होगी, तो संबंधित दवा कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बिक्री रसीद न देने पर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। उन्होंने बताया कि तीन नमूनेे फेल होने के मामले में विभागीय मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। अन्य नमूनों के मामले भी मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।