फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में संचालित बीएसएल-2 लैब में सामग्री की खरीद पर जिलाधिकारी के बिना अनुमोदन 35 लाख रुपये खर्च कर दिए गए।
इस पर सीएमओ ने एसीएमओ स्टोर व लिपिक का वेतन रोकने के बाद जवाब मांगा है।
लोहिया अस्पताल में बनी लैब में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की जाती है। नमूनों की जांच में लगने वाली सामग्री की खरीद सीएमओ कार्यालय के स्टोर प्रभारी की ओर से की जाती है।
इससे पहले धनराशि खर्च करने के लिए जिलाधिकारी के अनुमोदन लेना होता है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में खुलासा हुआ कि जिलाधिकारी के बिना अनुमोदन के ही लैब की सामग्री खरीद पर पहली बार में 10 लाख, दूसरी बार में 20 लाख व तीसरी बार में पांच लाख रुपये खर्च कर दिए गए।
पत्रावली पर सीडीओ ने जिलाधिकारी से अनुमोदन लेने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अनुमोदन नहीं लिया गया।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने इस मामले में एसीएमओ स्टोर डॉ. सर्वेश कुमार यादव, पटल सहायक अपर्णा पांडेय का सितंबर का वेतन रोक दिया है।
दोनों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।