फर्रुखाबाद। बाइक खड़ी करने के विवाद में एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर संचालकों ने पड़ोसी पूर्व छात्रसंघ महामंत्री मेडिकल स्टोर स्वामी को पीट दिया। थाने में शिकायत की, तो दोबारा लाठी-डंडों से भाई-भाभी पर हमला बोल दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस से दबंगों ने अभद्रता कर दी। दो थानों की पुलिस ने बल प्रयोग कर घसीटते हुए थाने में बंद कर दिया। अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दी गई। पीड़ित ने रिवाल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के एक-एक के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है।
कादरीगेट चौराहा निवासी पूर्व छात्रसंघ महामंत्री पंकज अवस्थी ने अपने मेडिकल स्टोर के सामने बाइक खड़ी करने का विरोध किया। इस पर पड़ोस के नामचीन अस्पताल के मेडिकल स्टोर संचालक जयवीर सिंह ने पूर्व छात्र नेता की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी।
पीड़ित ने थाने में तहरीर दी। कुछ देर में जयवीर सिंह ने अन्य कई लोगों के साथ दोबारा हमला बोलकर पूर्व छात्र नेता की भाभी मिथलेश, भाई मनोज अवस्थी और उनके साले को पीट दिया। थाने में बैठे पंकज ने प्रभारी निरीक्षक अवध नारायण पांडेय को बताया। वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
हमलावर मेडिकल स्टोर संचालक से थाने चलने के लिए कहा। उसने पुलिस से अभद्रता कर दी। इस पर कोतवाली पुलिस को भी बुला लिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर जयवीर सिंह, उनके साले को घसीटते हुए कार में डालकर थाने में बैठा लिया। सूचना पर दोनों पक्षों की भीड़ थाने पहुंचने लगी।
इस पर दोनों थानों के सभी चौकी प्रभारी और पुलिस लाइन से फोर्स मंगवा लिया। जयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि पंकज और उनके परिजन आए दिन अभद्रता करते हैं। उन्होंने ही मारपीट की है।
अस्पताल संचालक डॉक्टर को भी थाने बुला लिया गया। जिला पंचायत सदस्य मुनीश मिश्रा, भाजपा नेता राजीव चतुर्वेदी ने थाने में जमकर खरीखोटी सुनाई। पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। कुछ लोगों ने बमुश्किल मामला शांत किया। प्रभारी सीओ सिटी रवींद्र नाथ राय ने अस्पताल कर्मियों और आसपास मेडिकल स्टोर कर्मियों के बयान दर्ज किए।
एएसपी डॉ. संजय कुमार थाने पहुंचे। बाद में एक पक्ष के जयवीर सिंह और दूसरे पक्ष के पंकज अवस्थी का शांतिभंग में चालान किया गया।
पार्किंग न होने से सड़क पर लगता जाम
अस्पताल में पार्किंग की सुविधा नहीं है। लिहाजा दिन भर आने वाले सैकड़ों मरीजों की कारें, बाइकें सड़क किनारे खड़ी होती हैं। आसपास के दुकानदार भी परेशान रहते हैं। घरों, दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से आए दिन विवाद होना आम हो गया है।