फर्रुखाबाद। बिजली न होने पर भी शहरी जनता को ठंडा पानी मुहैया कराने की मंशा से लगे सोलर वाटर कूलर अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। कुछ बंद पड़े हैं, तो कुछ गर्म पानी उगल रहे हैं। वाटर कूलरों तक पहुंचने के बाद बिना गला तर किए वापस होना लोगों की मजबूरी है। हालांकि कार्यदायी संस्था का तीन साल तक मरम्मत का भी अनुबंध है। फिर भी मरम्मत कागजी खानापूरी तक ही सीमित है।
नगर पालिका परिषद ने पिछले साल शहर के 21 स्थानों पर 1.87 करोड़ 95 लाख रुपये में सोलर वाटर कूलर लगवाए थे। एक वाटर कूलर की कीमत 8.95 लाख रुपये रखी गई थी। मंशा थी कि बिजली न होने पर भी जनता को सुबह से देर रात तक ठंडा पानी मिलता रहे। मगर यह हवाई ही साबित हो रहा है। नगर पालिका ने कार्यदायी संस्था को 20 वाटर कूलरों का भुगतान भी कर दिया।
अनुबंध के अनुसार तीन साल तक मरम्मत की गारंटी के चलते प्रति वाटर कूलर तीन लाख रुपये रोक लिए हैं। इस धनराशि का भुगतान समय-समय पर कर दिया जाएगा। वाटर कूलर लगने के दूसरी सीजन में ही जनता को ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज बस अड्डा, गायत्री शक्तिपीठ मऊदरवाजा, आईटीआई चौराहा, कादरीगेट शनि देव मंदिर, लोहिया पुरुष अस्पताल आदि में कुछ गर्म पानी दे रहे, जबकि कुछ बंद पड़े हैं। गर्मी की सीजन में लोग गला तर करने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
तीन लाख रुपये प्रति वाटर कूलर रोके
नगर पालिका परिषद ने कार्यदायी संस्था के मरम्मत के नाम पर तीन लाख रुपये प्रति वाटर कूलर रोक लिए हैं। यह धनराशि तीन साल तक समय से मरम्मत होने के बाद ही भुगतान की जाएगी। इसके बावजूद मरम्मत के नाम पर खानापूरी ही की जा रही है। इसका खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।
-कार्यदायी संस्था को कई नोटिस जारी करके मरम्मत के लिए कहा गया है। वह वाटर कूलरों की जांच करवाएंगे। यदि कार्यदायी संस्था मरम्मत नहीं करती, तो पालिका अपने स्तर से काम करवाने करवाकर ठंडा पानी मुहैया कराएगी।
-विनोद कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद