फर्रुखाबाद। शमसाबाद तक रोडवेज बस चलाने के लिए जिलाधिकारी और एआरएम के लिखित आदेशों पर संचालन से जु़डे अधिकारी भारी पड़ रहे हैं।
यही नहीं तीन दिन पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी जनप्रतिनिधि के बताए रूटों पर बसें तुरंत चलाने के निर्देश दिए थे। इसका भी कोई असर नहीं हुआ।
नगर पंचायत शमसाबाद की अध्यक्ष जोया शाह ने 12 अक्तूबर को जिलाधिकारी को पत्र दिया था। उसमें कहा था कि नगर पंचायत और आसपास 40 से अधिक गांवों के लोगों का रोजाना सुबह जिला मुख्यालय पर सरकारी और निजी कार्यों से जाना होता है। कोई रोडवेज बस सेवा न होने की वजह से लोग डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर कचहरी, तहसील आदि स्थानों पर पहुंचते हैं। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष की जनहितकारी मांग को देखते हुए जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने चार नवंबर को एआरएम को पत्र लिखकर शीघ्र बस चलाने के आदेश दिए थे। एआरएम आरसी यादव ने भी आठ नवंबर को फोरमैन और केंद्र प्रभारी के लिए पत्र लिखकर शमसाबाद से सुबह आठ बजे फर्रुखाबाद, फतेहगढ़ तक बस चलाने के आदेश दिए।
एआरएम के यह आदेश फतेहगढ़ कार्यशाला में जिम्मेदारों की फाइलों में दब गए। बता दें कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दो दिन पहले सभी एआरएम को जनप्रतिनिधियों की ओर से बताए गए रूटों पर हर हाल में बसों का संचालन करने के आदेश दिए थे। इन सबके बावजूद अभी तक बस का संचालन शुरू नहीं किया गया।
केंद्र प्रभारी गौरीशंकर ने बताया कि शमसाबाद से बस चलाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। फिलहाल कुछ तकनीकी दिक्कत है। शीघ्र ही उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन किया जाएगा।