फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक की सख्ती के बाद इटावा के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम), सेवा प्रबंधक (एसएम) और प्रभारी एआरएम ने एसडीएम से मुलाकात की। डिपो की जमीन होने संबंधी सभी कागजात सौंपे। एसडीएम के बुलावे पर विपक्षी नहीं पहुंच सके। एसडीएम ने बस अड्डा प्रबंधक को संपूर्ण समाधान दिवस में आने के निर्देश दिए।
रोडवेज बस अड्डा के पूर्वी गेट पर क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने जलपान गृह का ठेका दिया है। जिस जमीन का आवंटन किया, वहां पहले से ही कब्जा है। इस कब्जे को प्रशासन दो बार ढहा चुका है। मगर जब ठेकेदार कैंटीन की दुकान बनवाने पहुंचा, तो अचानक थाना पुलिस ने रोक दिया था। ठेकेदार ने दो दिन पहले प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर से लखनऊ में मुलाकात कर पूरा मामला बताया। प्रबंध निदेशक ने इसे गंभीरता से लेकर आरएम को तुरंत मौके पर जाकर समस्या समाधान के निर्देश दिए।
शुक्रवार सुबह आरएम, एसएम एसके नागर, प्रभारी एआरएम एससी शंखवार, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी गौरीशंकर, बस अड्डा प्रबंधक जितेंद्र सिंह, विभागीय अधिवक्ता कृपाशंकर समेत विभागीय कई लोग एसडीएम के पास पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को बिंदुवार जानकारी देकर जमीन डिपो की होने संबंधी साक्ष्यों की पत्रावली सौंप दी।
एसडीएम गजराज सिंह ने दूसरे पक्ष को सुनने के लिए साक्ष्य सहित बुलाया, मगर वह नहीं पहुंच सके। क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि चार साल पहले जब 33 दुकानें गिराई गईं थीं, उससे पहले पालिका, विनियमित क्षेत्र, तहसील सभी जांचों में जमीन डिपो की होना पाया गया। नक्शा और खसरा भी यही कह रहा है। फिर भी अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने एसडीएम से कहा कि इसे तुरंत खाली करवाना बेहद जरूरी है।
एस़डीएम ने दूसरे पक्ष को सुनने के लिए शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में आने की बात कही। आरएम ने बस अड्डा प्रबंधक जितेंद्र सिंह और विभागीय अधिवक्ता को पहुंचने के निर्देश दिए।