फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम के इटावा क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) उमेश चंद्र आर्या बृहस्पतिवार दोपहर में अचानक बस अड्डा पर पहुंच गए। उन्होंने बस अड्डा प्रभारी को तलब किया, मगर नदारद मिले। बसों की बेतरतीब पार्किंग व परिसर में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई।
प्रतीक्षालय में निजी बसों का सामान पड़ा होने पर नाराजगी जताई। पूछताछ काउंटर कर्मी को फटकारा। देरी से पहुंचे दो कर्मियों को बुलाकर कारण पूछा, तो हिदायत देकर अभयदान दे दिया। कार्यशाला में आरएम को सब कुछ ठीकठाक मिला।
आरएम उमेश चंद्र आर्या, एआरएम वित्त मुकेश अग्रवाल के साथ दोपहर साढ़े 12 बजे पहुंचे। उन्होंने वाटर कूलर देखा। बस अड्डा प्रभारी को तलब किया, तो नहीं मिले। पूछताछ काउंटर कर्मी ने कई बार जवाब दिया, तो आरएम ने फटकार लगाकर भगा दिया। वेतन अनुभाग में एकमात्र लिपिक मिले। आरएम यात्री प्रतीक्षालय पहुंचे, तो एकतरफ अनुबंधित बस का लोहे का कबाड़ पड़े होने पर नाराजगी जताई।
बस अड्डा के सामने परिसर में गंदगी मिलने और बसों के प्लेटफार्म पर खड़े न होने पर नाराजगी जताई। आरएम दफ्तर में बैठ गए। आधा घंटे बाद एआरएम राजेश कुमार पहुंचे। आरएम ने देरी से आने पर नाराजगी व्यक्त की। आरएम ने उपस्थिति रजिस्टर देखा, तो दो कर्मचारियों का उपस्थिति नहीं लगी थी। इस पर अवकाश पत्र तलब कर लिए। इसी दौरान वेतन अनुभाग के जितेंद्र सिंह और एआरएम दफ्तर के संतोष कुमार पहुंचे। देरी का कारण पूछा, तो बताया कि एक साथी कर्मचारी की मां का निधन होने पर अंत्येष्टि में गए थे। इस पर संतोष व्यक्त किया।
आरएम ने बताया कि उन्होंने कार्यशाला का भी निरीक्षण किया। वहां पांच बसें मरम्मत के लिए खड़ी मिलीं। जरूरत का सामान स्टोर में उपलब्ध था। कार्यशाला की व्यवस्थाएं सही मिली। डीजल कक्ष और पत्रावली का भी निरीक्षण किया। वहां सब कुछ ठीक-ठाक मिला। यह उनका पहला निरीक्षण था। वह औचक निरीक्षण ही करेंगे।