फर्रुखाबाद। इलाज के लिए दिव्यांग को लोहिया अस्पताल से सैफई मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज ने भी जब हाथ खड़े कर दिए तो लोहिया में उसका दोबारा इलाज शुरू किया गया है।
हरदोई निवासी रामनिवास (65) राजेपुर थाने के गांव कुबेरपुर कुतुलूपुर निवासी वृद्ध बहन सावित्री देवी के यहां रहते हैं। उनका 12 साल पहले दिल्ली में मार्ग दुर्घटना में एक पैर कट गया था। कुछ दिन पहले उनके एक हाथ और पैर में गलन शुरू हो गई। हालत बिगड़ी तो बहन सावित्री देवी ने गुरुवार शाम लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने जांच के बाद पाया कि उनके हाथ और पैर दोनों ही काफी गल चुके हैं। लिहाजा यहां इलाज संभव नहीं है। रामनिवास को सैफई रेफर कर एंबुलेंस से भेज दिया गया।
सावित्री देवी ने बताया कि रात 12 बजे सैफई मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में पहुंची। वहां एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उन्हें कमरे से बाहर ले जाने को कहा। जब उन्होंने भर्ती की बात कही तो कहा कि सुबह क्यों नहीं लाईं। यहां कोई इलाज नहीं होगा, बाहर ले जाएं। महिला ने रेफर करने की बात कही तो इन्कार कर दिया गया।
सावित्री ने बताया कि रात भर अस्पताल के बाहर बैंच पर ही भूखे लेटी रही। साथ में मौजूद भतीजे नीरज ने रुपये की व्यवस्था की। इसके बाद निजी एंबुलेंस को 2500 रुपये देकर दोपहर 12 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी के डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि गलन अधिक है। सर्जन को दिखाकर इलाज शुरू कर दिया है।