फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में बिना अग्निशमन की एनओसी के मनोरंजन क्षेत्र लगाया गया। यहां दुकानों व कल्पवास की झोपड़ियों में तीन मीटर की दूरी के मानक की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। उसके बाद आग लग जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी मौन है।
मेला रामनगरिया में मनोरंजन का ठेका 1.07 करोड़ में मनोरंजन का ठेका उठा था। ठेकेदार अमित गोयल ने मनोरंजन क्षेत्र का ठेका लिया। यहां सर्कस, विभिन्न प्रकार के झूले, मौता का कुंआ, काला जादू, खाने पीने की दुकानें लगी हैं। मनोरंजन क्षेत्र झूलों, दुकानों में तीन मीटर की दूरी के मानक की धज्जियां खुलेआम उड़ाई गईं।
ठेकेदार ने अग्निशमन विभाग से मनोरंजन क्षेत्र में झूले, दुकानें लगवाने के संबंध में एनओसी नहीं ली। बिना एनओसी के मेला रामनगरिया में मनोरंजन क्षेत्र संचालित किया जा रहा है। यहां पुलिस व प्रशासन के अधिकारी प्रतिदिन भ्रमण करते हैं। उसके बाद भी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अगर मनोरंजन क्षेत्र में आग लगने की घटना हो जाए तो वहां भी हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसी तरह कल्पवास क्षेत्र में भी बिना मानक के झोपड़ी पास-पास ही डाली गई है।
इसके चलते ही गुरुवार देर रात बिजली के तार जलने से गिरी जलती रबर से झोपड़ी में आग लग गई। उसमें आस पास की 50 से अधिक झोपड़ी चपेट में आ गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बिना अग्निशमन की एनओसी के मनोरंजन क्षेत्र लगाया गया। दुकानों व कल्पवास की झोपड़ियों में तीन मीटर की दूरी का मानक नहीं रखा गया।
एडीएम व मेला सचिव सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि मेले में फायर स्टेशन बनता है। फायर ब्रिगेड का विभाग व्यवस्थाओं में शामिल होता है, इस कारण एनओसी की आवश्यकता नहीं होती है।