फर्रुखाबाद। कायमगंज डिवीजन में बिल संशोधन के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे करने में टीजी-टू के निलंबन की संस्तुति की गई है। अधिशासी अभियंता से उसे स्थानांतरित करने के साथ जांच कराने के लिए एसई को पत्र लिखा है।
बिजली विभाग के कायमगंज डिवीजन में बिल संशोधन के नाम पर काफी पहले से खेल चल रहा है। पिछले दिनों एसडीओ विकास नाथ तिवारी की आईडी से छह माह में 587 बिल संशोधन कर करीब 1.45 करोड़ के राजस्व को चूना लगाया गया था। शासन तक शिकायत पहुंचने के बाद एसडीओ ने उपभोक्ताओं के खाते में यह धनराशि फिर से जोड़ दी थी। इसके साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर व मीटर रीडर के सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। हालांकि इस मामले में एसडीओ को भी निलंबित किया जा चुका है।
करीब दो सप्ताह पूर्व विभाग के ही टीजी-टू व मीटर रीडर की बिलों के संबंध में व्हाट्सएप चैटिंग अधिशासी अभियंता को मिल गई। इसमें बिल संशोधन में चार से लेकर 14 हजार रुपये तक उपभोक्ताओं से वसूलने की बात सामने आई है। हाथ लगे कुछ बिल नंबर वही हैं, जिनका संशोधन कर रुपये घटाए गए थे।
बताया जा रहा है एसडीओ विकास नाथ तिवारी की 17 मई 2022 को तैनाती से पहले भी तत्कालीन एसडीओ दिलीप गंगवार की आईडी से भी खेल होता रहा। इस पर अधिशासी अभियंता खान चंद्र ने टीजी-2 वीरेंद्र कुमार सरोज के निलंबन की संस्तुति कर एसई को भेज दी।
अधिशासी अभियंता खान चंद्र ने बताया कि उन्होंने टीजी-टू को स्थानांतरित करने और गहनता से जांच कराने की भी संस्तुति की है। एसई अखिलेश सिंह ने बताया कि टीजी-टू को बुलाकर पूछताछ की गई है। एसडीओ से टीजी-टू के खिलाफ साक्ष्य भी मांगे गए हैं। शीघ्र ही उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2019 में रीडिंग स्टोर व बिल संशोधन में हेराफेरी कर 96.73 लाख रुपये का विभाग को चूना लगाया गया था। उस दौरान भी अधिकारियों की आईडी का इस्तेमाल कर खेल किया गया था। मामले में कंप्यूटर आपरेेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना के खुलासे के कुछ दिनों बाद तत्कालीन अधिशासी अभियंता का गैर जनपद स्थानांतरण कर दिया गया था।