फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया का शुभारंभ होते ही मेले में धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। कड़ाके की सर्दी में गंगा का तट भक्ति भाव से हिलोरें भरने लगा है। मनोरंजन क्षेत्र में झूले लग चुके हैं, लेकिन ठंड के चलते मनोरंजन क्षेत्र में अभी सन्नाटा है।
पांचाल घाट स्थित मां भागीरथी के तट पर बसी आस्था की नगरी में शीत लहर के साथ ही भक्ति की धारा बह निकली है। मेला रामनगरिया में माघ के पहले दिन ही जगह-जगह भागवत कथाएं शुरू हो गई। कल्पवासी गंगा स्नान कर दान पुण्य में जुट गए हैं।
आदर्श क्षेत्र में चल रही भागवत कथा में स्वामी सत्य स्वरूप महाराज ने कहा कि भक्त के बस में भगवान हैं। भगवान की शरण मे जाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। बच्चा स्वामी शिव स्वरूप महाराज के क्षेत्र में श्री नर्मदेश्वर महादेव जी का रुद्राभिषेक आचार्य प्रदीप शुक्ला मंत्रोच्चार के साथ प्रतिदिन करा रहे हैं।
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा में साधु धूना के पास बैठकर भगवान के ध्यान में लीन रहते हैं। वृंदावन से आए आचार्य प्रदीप शुक्ल द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सुबह घना कोहरा व भीषण सर्दी के चलते कल्पवासी अपनी-अपनी राउटियों में बैठकर भजन कीर्तन करते रहे। कई जगह साधु-संत अलाव जलाकर तापते नजर आए।
दोपहर बाद धूप निकलने से साधु संतो ने राहत की सांस ली। मनोरंजन क्षेत्र में झूले सज चुके हैं। रंग बिरंगी लाइटें भी लगाई गई हैं। सर्दी अधिक होने से मनोरंजन क्षेत्र में अभी रौनक नहीं आई।
मेला रामनगरिया का शुभारंभ हो चुका है। हजारों की संख्या में साधु-संत कल्पवासी कल्पवास करने लगे हैं। ठेकेदार व मेला प्रशासन के द्वारा करीब मेले में 500 हैंडपंप लग सके हैं। हैंडपंप लगवाने के लिए साधु-संत मेला कार्यालय व ठेकेदार के चक्कर काट रहे हैं। जो भी हैंडपंप लगे हैं, उनमें अधिकांश खराब हो चुके हैं। इससे पेयजल के के लिए कल्पवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेला क्षेत्र को साफ सुथरा रखने के लिए ठेका दिया है। लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे मेले में गंदगी फैली है। डंडी स्वामी विष्णु आश्रम का कहना है कि सफाई कर्मचारी केवल मुख्य मार्गो से कूड़ा उठा रहे हैं। साधुओं के क्षेत्र में सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं आता।
मेला रामनगरिया में कल्पवासी करने आईं बीना देवी की बेटी ज्योति की तबियत बिगड़ गई। उसे सर्दी लगने से दस्त होने लगे। बीना देवी बेटी को दिखाने मेला के एलोपैथिक अस्पताल में पहुंची तो डॉक्टर नहीं थे। फार्मासिस्ट रविंद्र वर्मा ने दवा न होने की बात कहकर वापस कर दिया। होम्योपैथिक अस्पताल में 192 मरीज देखे गए। इसमें सर्दी, जुकाम, पेचिस, दमा के मरीज अधिक आए। इन्हें दवा दी गई। आयुर्वेदिक अस्पताल में 201 मरीज देखे गए। इसमें खांसी, जुकाम, बुखार के सर्वाधिक मरीज आए। कल्पवासियों का कहना है अधिकतर इन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिलते हैैं। कुछ देर के लिए ही डॉक्टर बैठते हैं। फार्मासिस्टों के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं।