फर्रुखाबाद। गलत इंजेक्शन लगाने से ग्रामीण की मौत के मामले में गवाह व साक्ष्य के आधार पर एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने दोषी झोलाछाप को छह वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सिरौली निवासी शिवम सिंह ने गांव के झोलाछाप मूलचंद के खिलाफ 31 अक्तूबर 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि पिता सुरेंद्र सिंह को 31 अक्तूबर को सर्दी, जुकाम होने पर मूलचंद के यहां दवा दिलाने गया था। मूलचंद ने पिता के इंजेक्शन लगाया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शिवम ने आरोप लगाया कि शराब के नशे में मूलचंद ने गलत इंजेक्शन लगाया। इसके कारण उनकी मौत हो गई। विवेचक ने मूलचंद के बिना डिग्री के डॉक्टरी करने के मामले में जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने बुधवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी मूलचंद को दोषी करार किया था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी मूलचंद्र को गैर इरादतन हत्या के मामले में छह वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने की स्थित दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने सजा को लेकर दलीलें दीं।