फर्रुखाबाद। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 से ऊपर 136.90 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर दूर है।
इससे तटवर्ती क्षेत्र के 30 गांवों में पानी भर गया है। गांव के संपर्क मार्ग कट गए हैं। पांच गांव में नाव से आवागवन हो रहा है। छह विद्यालयों में पानी भरने से वहां शिक्षण कार्य ठप हो गया है।
गुरुवार को नरौर बांध से गंगा में 58,395 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने से शमसाबाद क्षेत्र के गांव चितार, समैचीपुर, कासिमपुर तराई, अचानकपुर, अजीजाबाद की मड़ैया, कटरी तौफीक, रूपपुर मंगलीपुर, कमथरी में पानी भर गया है।
गांव ऊगरपुर, कटरी तौफीक, लालाराम की मड़ैया, हरसिंहपुर, खज्जी नगला, पटिया गांव में घरों तक पानी भरा होनेे से इन गांवों की बिजली बंद कर दी गई है। गांव बांसखेड़ा और पैलानी दक्षिण तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अमृतपुर क्षेत्र के 15 गांवों में पानी भर गया है।
जोगराजपुर, रामपुर, माखन नगला, रामप्रसाद नगला, कहिलियाई में पानी बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में भर गया है। अब स्कूलों को दूसरी जगह संचालित कराने की अफसर तैयारी कर रहे हैं। गांव माखन नगला को जाने वाला मार्ग बाढ़ से कट गया है।
ग्रामीणों को पानी में घुस कर आवागमन करना पड़ रहा है। वाहन लेकर नहीं जा पा रहे हैं। गांव जोगराजपुर जाने वाले मार्ग पर नाव से आवागमन हो रहा है।
अमृतपुर। बाढ़ का पानी गांवों के अंदर व रास्ते में भरने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारा लाने का संकट पैदा हो गया है। पशुओं के लिए चारा लेने के लिए ग्रामीणों को पानी से गुजर कर खेत तक जाना पड़ रहा है। इससे गांव के लोग परेशान हैं।
शमसाबाद। गांव कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। इससे ग्रामीणों के कपड़े व अन्य सामान खराब हो गए हैं। संविलियन विद्यालय कटरी तौफीक को बंद कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कोई अधिकारी उनको देखने तक नहीं आया।
गुरुवार को स्कूटी से स्कूल जा रही शिक्षिका आकांक्षा रावत गांव के मार्ग पर भरे पानी में स्कूटी के साथ गिर गईं। वहीं से वह लौट गईं। बीईओ ने कटरी तौफीक विद्यालय के शिक्षकों को जूनियर विद्यालय झौआ में संबद्ध कर दिया है।