कमालगंज। कस्बा में जाने की बात कहकर निकले प्रधान के देवर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। शव ट्रैक के किनारे करीब डेढ़ घंटे तक पड़ा रहा। सिविल पुलिस व जीआरपी के बीच सीमा को लेकर अनबन रही। बाद में जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। घटना के छह घंटे बाद सोशल मीडिया पर फ़ोटो देख परिजनों ने शव की शिनाख्त की।
कस्बा के गौसपुर गुमटी संख्या 134-सी से रविवार सुबह करीब 10:30 बजे बांद्रा-लखनऊ एक्सप्रेस गुजर रही थी। ट्रेन की चपेट में आने से 48 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गई। ट्रेन से कटकर शव क्षत-विक्षत हो गया। घटना की जानकारी पर आस-पास के लोगों की भीड़ लग गई। घटनास्थल रेलवे लाइन का होने के कारण पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद जीआरपी को सूचना दी गई।
ट्रैक के किनारे शव पड़े होने के बाद कई ट्रेनें गुजरीं। शव से करीब तीन मीटर दूर पैर का हिस्सा कटा पड़ा था। एक शीतगृह की दीवार के पास एक बैग व पानी की बोतल रखी रही। बैग में खाना रखा था। घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद जीआरपी दरोगा दीपक त्रिवेदी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल सिविल पुलिस का है। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। बताया गया कि अधेड़ की सदरी की जेब में करीब साढ़े सात हजार रुपये रखे थे।
सोशल मीडिया पर फ़ोटो देख शाम करीब 5 बजे शव की शिनाख्त हुई। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज निवासी ग्राम प्रधान मेहराज फातिमा के पति नसीम अहमद उर्फ गुड्डू ने शव की पहचान छोटे भाई नईम अहमद (48) के रूप में की। घटना की जानकारी के बाद परिवार में मातम छा गया। पत्नी खुशनुमा, पुत्री इलमा, इसरा, इकरा व पुत्र सैफ बिलखते रहे। प्रधान प्रतिनिधि नसीम अहमद ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे भाई कमालगंज जाने की बात कहकर घर से निकला था।