फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत मौधा में ग्राम पंचायत सदस्य की ही पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति के मामले में प्रधान व सचिव दोषी पाए गए। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी है।
ग्राम पंचायत मौधा की गोशाला में गोवंश की दुर्दशा के मामले में प्रधान विवेक कुमार के जिलाधिकारी ने अधिकार सीज कर दिए थे। इसके बाद ग्राम पंचायत खाते का संचालन करने के लिए भूरे सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। भूरे सिंह ने बीडीओ से शिकायत की कि ग्राम पंचायत सदस्य रश्मि यादव पत्नी सत्येंद्र सिंह का प्रधान व सचिव ने शासनादेश के विरुद्ध किया गया है। विकास कार्यों के मनमाने तरीके से भुगतान भी किए गए। इस बीडीओ ने एडीओ पंचायत गिरंद सिंह वर्मा की अध्यक्षता में प्रभारी एडीओ सांख्यिकी व ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेंद्र त्रिपाठी से जांच कराई। जांच कमेटी ने तीन अप्रैल को तत्कालीन सचिव को चयन पत्रावली सहित तलब किया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर जांच कमेटी ने बीडीओ को रिपोर्ट सौंप दी। इसमें कहा कि प्रधान विवेक कुमार व तत्कालीन सचिव राजीव गौतम शासनादेश के विरुद्ध पंचायत सहायक चयन करने में दोषी हैं।
बीडीओ त्रिलोक चंद्र वर्मा ने बताया कि उन्होंने कार्रवाई के लिए जांच पत्रावली डीपीआरओ को भेज दी है। विदित है कि पंचायत सहायक रश्मि यादव ग्राम पंचायत सदस्य पद रहते हुए करीब 14 माह तक मानदेय लेती रहीं। नवंबर 2022 में उन्होंने पंचायत सहायक पद से इस्तीफा दे दिया। कार्रवाई होते देख 18 मार्च को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में ग्राम पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।