फर्रुखाबाद। गंगा संवाद यात्रा पर निकले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि गंगा में प्रदूषण को सख्ती से रोका जाए। गंगा सिर्फ नदी ही नहीं, आस्था का केंद्र है। इसे अविरल बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में जल प्रवाहित होता रहना चाहिए।
पांचाल घाट स्थित नारायण आश्रम में पूर्व प्रचारक केएन गोविंदाचार्य ने पत्रकारों को बताया कि मां गंगा और गाय भारत के प्राण हैं। उन्होंने बताया कि वह 11 अक्तूबर को नरौरा से गंगा संवाद यात्रा पर निकले हैं। पहला चरण बदायूं में समाप्त होने के बाद पांचालघाट पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि नरौरा में गंगा के बंधन व विभाजन का प्रतीक है तो कानपुर में गंगा प्रवाह क्षेत्र प्रदूषण से भरा है।
हर मौसम में नदियों में पानी का प्रवाह हो और सिंचाई, पेयजल आदि नदियों से निकलने वाले पानी की अधिकतम सीमा निर्धारित हो। गंगा स्वच्छता के लिए राजनीतिक कारणों से समाज विभेद की स्थिति से बचना चाहिए।
उनके साथ डॉ. प्रभात अवस्थी, अनिल सिंह राठौर, अवनीश राठौर, अभिषेक बाथम आदि मौजूद रहे।