चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोवीन ने दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपी को दस साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। छात्रा को भगाने में सहयोग करने के आरोप में दो को चार-चार साल कैद की सजा और पांच- पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आरोपी महिला को पांच साल की सजा सुनाई और 12 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का भुगतने का आदेश दिया है।
मोहम्मदाबाद के गांव भरतपुर निवासी मुन्नी देवी, उन्नाव जिले के बागरमऊ थाना क्षेत्र के रेलवे रोड धर्मशाला निवासी कुरेन्द्र पाल, राजेश , प्रेमगंज बागरमऊ निवासी कप्तान के खिलाफ 14 मई 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें एक छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिशुपाल सिंह यादव ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी राजेश को दस साल की सजा और दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। लड़की को भगाने के आरोप में दोषसिद्ध आरोपी राजेश, कप्तान और कुरेंद्र पाल को चार-चार साल की सजा सुनाई और पांच पांच हजार रुपये जुर्माना किया।
जुर्माना अदा करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। आरोपी महिला मुन्नी देवी को धारा 363 में दोषी पाकर चार साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। धारा 366 आईपीसी में दोषी पाकर पांच साल की सजा और सात हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।