फर्रुखाबाद। बढ़पुर ब्लाॅक की याकूतगंज गोशाला में बायोगैस प्लांट का मनमाने तरीके से निर्माण कराकर बिना मूल्यांकन पुस्तिका के ही 16.60 लाख का भुगतान कर दिया गया। सीडीओ सचिव को नोटिस जारी कर तीन दिन में साक्ष्यों सहित जवाब मांगा है।
गोशाला में सुविधाएं बढ़ाने के साथ हर समय बिजली की उपलब्धता के लिए शासन की ओर से गोबर धन वेस्ट टू वेल्थ योजना के तहत बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। जनपद में सबसे पहले याकूतगंज गोशाला में बायोगैस प्लांट का निर्माण कराया गया। गत वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सचिव ने औरैया की फर्म को 16.60 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। खास बात तो यह है कि वित्तीय नियमों को दरकिनार करते हुए बिना मूल्यांकन पुस्तिका के ही इतनी बड़ी धनराशि खर्च कर दी गई। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने जून में बीडीओ बढ़पुर बलराम, एडीओ सत्यनारायण सिंह व कंसल्टिंग इंजीनियर सचिन राजपूत की कमेटी गठित कर जांच कराई। बीडीओ ने सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि प्लांट का मानकों को ताख पर रखकर निर्माण कराया गया। भुगतान पत्रावली में मूल्यांकन पुस्तिका(एमबी) भी नहीं दिखाई गई। भुगतान से पूर्व वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। इससे भुगतान में वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सचिव लक्ष्मी लता गौतम को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है। डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि बीडीओ के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।