कायमगंज। सीएचसी में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीज और भी बीमार हो सकते हैं। यहां साफ सफाई व्यवस्था वैसे भी चौपट है। इसके साथ ही गेट पर बायो मेडिकल कचरे का ढेर लगा दिया जाता है। लेबर रूम के गंदे कपड़े फेंकने से यहां बदबू भी फैल रही है।
कायमगंज सीएचसी में रोजाना ओपीडी में 500 से 600 मरीज आते हैं। जिले की सबसे बेहतर सीएचसी में सफाई की व्यवस्था बेपटरी है। कारण यह बताया जाता है कि यहां एक ही सफाई कर्मी तैनात है। पिछले दिनों सीएमओ व एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान भी गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई थी। सफाई कर्मी की समस्या बताने पर अतिरिक्त व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी परिसर, शौचालय आदि में गंदगी की भरमार है। इसके साथ ही मेडिकल कचरे की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल कर्मी मेडिकल कचरे को अन्य कचरे के साथ सीएचसी गेट पर ही ढेर लगा देते हैं। साथ ही लेबर रूम के गंदे कपड़े भी फेंके जा रहे हैं। इससे बदबू भी उठती है। यह कचरा पालिका की गाड़ी उठाकर डंपिंग ग्राउंड में डालती है तो उसमें और भी बीमारियां फैलने की आशंका है।
सीएचसी में आने वाले मरीज व प्रसूताएं इस गेट से ही होकर गुजरती हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। नियमानुसार खून लगी रुई, उपचार में इस्तेमाल किये गए ग्लब्ज, सीरिंज आदि को अलग अलग रंग के डिब्बों में डाला जाता है। क्योंकि इनसे गंभीर संक्रमण हो सकता है। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया एक कर्मचारी के बावजूद सफाई बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। बायो मेडिकल कचरा मानक के अनुसार निस्तारण के लिए गाड़ी आती है। गेट पर कूड़ा कौन डाल रहा है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज चेक कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।