फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी की सख्ती पर एसीएमओ ने शुक्रवार को अवैध रूप से पैथोलॉजी लैब व क्लीनिक चलाने वाले 10 झोलाछापों को नोटिस जारी किए। चिकित्सीय अभिलेख न दिखाने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
जनपद में शहर व कस्बों से लेकर गांवाें में झोलाछापों की भरमार है। वह अवैध रूप से क्लीनिक, पैथोलॉजी व नर्सिंगहोम चलाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के साथ मनमाने रुपये लेकर लूट मचाए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ.वीके सिंह ने झोलाछापों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई।
झोलाछाप उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने 10 झोलाछापों को नोटिस जारी कर दिए। उन्होंने शहर के कादरीगेट चौराहा स्थित सिद्धि विनायक पैथ लैब, जमापुर चौराहा स्थित साइंटिफिक पैथोलॉजी लैब, शमसाबाद स्थित इंडियन पैथोलॉजी लैब, जनता पैथोलॉजी लैब के संचालक को एक मार्च तक चिकित्सीय व पंजीयन प्रमाणपत्र के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिये। इसके अलावा राजेपुर में प्राची क्लीनिक के संचालक अनिल शाक्य, नीलकंठ पैथोलॉजी लैब संचालक राजेश यादव, विशाल क्लीनिक के संचालक जबर सिंह, नीलकंठ क्लीनिक संचालक आशा छाया के अलावा क्लीनिक चलाने वाले सत्यपाल सोमवंशी व नीलम कुशवाहा को नोटिस जारी किया। एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि चिकित्सीय व पंजीयन प्रमाणपत्र के साथ संतोषजनक जवाब न मिलने पर झोलाछापों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।