अमृतपुर। बाढ़ का पानी निकल जाने के बाद भी क्षेत्र के पंचायत घरों ताले लटक रहे हैं। पंचायत सहायकों को घर बैठे मानदेय दिया जा रहा है। ग्रामीणों को ऑनलाइन आवेदन के लिए तहसील तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
गंगा व रामगंगा में बाढ़ आने से कई पंचायतघरों में बाढ़ का पानी भर गया था। बाढ़ समाप्त हुए करीब 15 दिन से अधिक बीत चुके हैं। पंचायतघरों में भरा बाढ़ का पानी निकलने के साथ कीचड़ भी सूख चुका है। इसके बाद भी पंचायत घरों में न तो सफाई कराई गई और न ही ताले खोले गए हैं।
वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा, पेंशन, मूल निवास, आय, जाति आदि प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन और धान, मक्का, ज्वार सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने के लिए तहसील जाकर पंजीकरण कराना पड़ रहा है। ग्राम सभा चाचूपुर जटपुरा का पंचायतघर में अधिकतर ताला ही पड़ा रहता है।
ग्राम पंचायत अम्बरपुर, बदनपुर, कनकापुर, बरुआ, आसमपुर, अमैयापुर, दारापुर के पंचायत घरों का बाढ़ समाप्त होने के बाद ताला नहीं खुला। पंचायत सहायकों को घर बैठे मानदेय मिल रहा है। एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने बताया कि पंचायत सहायक क्यों नहीं बैठ रहे हैं, इसकी सचिवों से जानकारी की जाएगी। पंचायत घर खुलवाए जाएंगे।