कायमगंज। एसीएमओ डॉ. गौतम रंजन ने बिना पंजीकरण के चल रहे आंख के प्राइवेट अस्पताल की ओटी में ताला डलवा दिया।
उसे खोलने पर संचालक को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। संचालक महेंद्र गुप्ता से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास नेत्र परीक्षक का डिप्लोमा है और डॉक्टरेट (पीचडी) की डिग्री है।
जटवारा रोड स्थित महेंद्रा आंख के अस्पताल में एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने टीम के साथ गुरुवार को छापा मारा। संचालक महेंद्र गुप्ता से पूछताछ की। फ़िलहाल अपंजीकृत अस्पताल होने से उसकी ओटी में ताले डाल दिए गए।
साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर अस्पताल खोला गया तो सख्त कार्रवाई होगी। तीन दिन पहले महेंद्र गुप्ता अपनी कार से सीएमओ कार्यालय गए थे।
उनकी कार के आगे व पीछे शीशे पर एनपी सीबीआई लिखा है। इससे सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई थी।
बुधवार को जब वे दोबारा पहुंचे तो राज खुल गया। इस बारे एसीएमओ ने बारीकी से पूछताछ की। इस पर महेंद्र गुप्ता ने बताया कि एनपी सीबीआई का पूरा नाम नेशनल प्रोग्राम कंट्रोल ब्लाइंड इम्पेरिमेंट फाउंडेशन लखनऊ है। यह एक एनजीओ है। इस पर एसीएमओ ने कहा कि इससे भ्रम पैदा हो रहा है, तत्काल मिटाया जाए।
अस्पताल को नोटिस, अल्ट्रासाउंड सेंटर में गंदगी
कायमगंज। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने टीम के साथ नगर के दो अल्ट्रासाउंड सेंटर चेक किए। सबसे पहले वह नायब तहसीलदार राकेश कुमार के साथ फरीदी नर्सिंग होम पहुंचे।
वहां मरीजों के बैठने के स्थान पर काफी गदंगी देख नाराजगी जताई। शौचालय व वॉश बेसिन आदि गंदा मिला। उन्होंने सेंटर के संचालक डॉ. जेयू खान को साफ- सफाई रखने की हिदायत दी।
इसके बाद वे सूर्या नर्सिंग होम पहुंचे, वहां अल्ट्रासाउंड रूम में सकरी जगह देखकर उसे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा शौचालय की दूरी पर भी नाराजगी जताई। दोनों सेंटरों के संचालकों से कहा कि गरीब मरीजों के अल्ट्रासाउंड में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाए।
अगर कहीं से कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी।
इसके बाद विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज के सामने डॉ. आशय गुप्ता के अस्पताल पहुंचे, वहां कई मरीज भर्ती मिले, लेकिन अकेले डॉक्टर ही थे। भर्ती मरीजों के पास कंबल आदि भी नहीं थे।
अस्पताल में मरीज होने से उसे सील तो नहीं किया, लेकिन उन्हें नोटिस दिया गया है और जवाब मांगा है ।उचित जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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कायमगंज। गांव रामनगर में एसीएमओ डाक्टर रंजन गौतम ने टीम के साथ छापा मारा। यहां अल्ट्रासाउंड करने की एक छोटी मशीन मिली।
इसी मशीन से अल्ट्रासाउंड की कथित रिपोर्ट दिखाकर मरीजों से मनमाने पैसे वसूले जाते थे। घर में ही अस्पताल चलता मिला। बेड और चारपाई पर मरीज लेटे मिले।
टीम को देखकर झोलाछाप वहां से खिसक गया। टीम ने यहां तीन कमरे सील कर दिए गए। मरीजों को सरकारी अस्पताल से दवा लेने को कहा गया। एसीएमओ ने बताया कि सब फर्जीवाड़ा है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।