फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीन दरोगा समेत चार पर रिपोर्ट लिखने का आदेश मऊदरवाजा थानाध्यक्ष को दिया है। दरोगा पर सीज बाइक छोड़ने के लिए रिश्वत मांगने, मना करने पर गाली-गलौज कर थाने से भगाने का आरोप लगाया है।
कमालगंज के गांव कालाझाला निवासी धर्मवीर सिंह ने बेवर रोड स्थित बघार चौकी के दरोगा नितिन कुमार, रायपुर चौकी के दरोगा सूर्य प्रकाश उपाध्याय, कायमगंज कोतवाली के दरोगा हरिओम त्रिपाठी और मऊदरवाजा क्षेत्र के गांव कुइयांबूट निवासी प्रदीप शर्मा के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा कि बहन के घर विवाद होने पर आठ मई 2022 को भाई के साथ बाइक से कुइयांबूट गांव गए थे।
प्रदीप शर्मा के घर के बाहर बाइक खड़ी कर बहन के घर चला गया। लौट कर आकर देखा तो बाइक गायब थी। जानकारी हुई कि उसकी बाइक पुलिस कर्मी मऊदरवाजा थाने ले गए और सीज कर दी।
बाइक रिलीज के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर थाने से आख्या मांगी गई। रिपोर्ट लगवाने थाने गया तो वहां तीनों दरोगा मिले। दरोगा नितिन कुमार ने रिपोर्ट लगाने के लिए रुपये मांगे, मना करने पर अन्य दो दरोगा ने बिना रुपये रिपोर्ट न लगने की बात कही और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर तीनों दरोगा ने उसकी बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया।
15 जून 2022 को कोर्ट ने बाइक रिलीज का आदेश दिया। इसको लेकर 19 जून को थाने गया। दरोगा ने बाइक रिलीज नहीं की और गाली-गलौज कर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने मऊदरवाजा थानाध्यक्ष को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।