फर्रुखाबाद। विशेष अदालत ईसीएक्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने 13 साल पूर्व हुई हत्या के मुकदमे में एक को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
1.10 लाख रुपये जुर्माना किया। चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के बजीरपुर निवासी अमर सिंह और गांव का रहने वाला रामरूप 28 अगस्त 2009 को प्राइमरी स्कूल की छत पर सो रहे थे।
अमर सिंह के पिता बटेश्वर घर के बाहर छप्पर के पास सो रहे थे। रात करीब एक बजे गोली चलने की आवाज सुनकर अमर सिंह व रामरूप जाग गए।
उन्होंने टॉर्च की रोशनी में देखा तो गांव के रहने वाले सुरेंद्र, लालाराम, वीरपाल, रामवीर व कल्लू उर्फ रामबरन उसके पिता की चारपाई के पास खड़े थे। सुरेंदर के हाथ में तमंचा लिए था।
उसके शोर मचाने पर सभी लोग वहां से भाग गए। स्कूल की छत से उतर कर नीचे आया तो पिता बटेश्वर के सीने में गोली लगी थी और उनकी मौत हो चुकी थी।
खेत के मुकदमेबाजी की रंजिश में बटेश्वर की हत्या की गई थी। पुत्र अमर सिंह ने पांचों लोगों के खिलाफ अमृतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना कर सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय, भानू मिश्रा, अखिलेश कुमार, संजीव मिश्रा ने दलीलें पेश की।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सुरेंदर को हत्या में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया। लालाराम, वीरपाल, रामवीर और कल्लू उर्फ रामबरन को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।