फर्रुखाबाद। जिले के मोहम्मदाबाद में 36 साल पहले बनी हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में बदलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। शासन ने आब्सटेकल लिमिटेशन सरफेस सर्वे (ओएलएस) कराने के लिए धन स्वीकृत कर दिया। यदि हवाई पट्टी का विकास हो जाता है, तो देश के विकसित शहरों और विदेश जाने के लिए कानपुर, बरेली, दिल्ली व लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने होंगे। व्यापार जगत से जुड़े पूंजीपजियों का कहना है कि हवाई सेवा शुरू होने के बाद जिले के व्यापार को पंख लग जाएंगे।
जिले से सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे खुर्शीद आलम खान ने वर्ष 1987 में मोहम्मदाबाद में हवाई पट्टी का निर्माण कराया था। खुर्शीद आलम के बाद पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, उनके भाई शिवपाल सिंह यादव विमान से इसी हवाई पट्टी पर उतरते रहे। एक ही पट्टी होने के कारण यहां बड़े विमानों का उतरना असंभव है। जबकि जिले का वस्त्र छपाई उद्योग, जरदोजी माल का बड़ी मात्रा में विदेशों में निर्यात होता है।
जिले में नेशनल हाइवे और हवाई सेवा न होने की वजह से विदेशी कारोबारी यहां आने से कतराते हैं। ऐसे वक्त में यदि हवाई अड्डा बन जाता है, तो जिले के व्यापारी और निर्यातकों को इसका सीधा लाभ होगा।
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पर्यटकों की संख्या में भी होगी बढ़ोतरी
भगवान बुद्ध की धरती संकिसा में कई देशों के पर्यटकों का रोजाना ही तांता लगा रहता है। यहां माता बिसारी देवी का स्तूप और आसपास बने भगवान बुद्ध के कई मंदिरों में पूजा का दौर चलता है। देश के कई बड़े शहरों से महाभारत कालीन नगर कंपिल के अलावा शृंगीरामपुर, नीबकरोरी धाम में भी भक्तों का आना-जाना रहता है। इन लोगों को यहां आने में समय की बड़ी बचत हो जाएगी।